नारायणपुर (ईएमएस)। जिले के संवेदनशील अबूझमाड़ क्षेत्र में आईटीबीपी की 41वीं वाहिनी और नारायणपुर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर ग्राम उसेबेड़ा और कस्तूरमेटा-2 में दो नक्सली स्मारकों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी सुरक्षाबलों का सहयोग किया। जेसीबी मशीन की सहायता से सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए स्मारकों को हटाया गया। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का खुलकर स्वागत किया। उनका कहना था कि माड़ क्षेत्र के लोग अब बंदूक और हिंसा की संस्कृति के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं। दरअसल, ये स्मारक लंबे समय से नक्सली विचारधारा और हिंसात्मक गतिविधियों के प्रतीक माने जाते थे। इनके ध्वस्तीकरण को क्षेत्र में नक्सली प्रभाव के खत्में लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। 41वीं वाहिनी आईटीबीपी और नारायणपुर पुलिस का यह अभियान केवल प्रतीकों को हटाने तक सीमित नहीं है। यह विश्वास, जनसहभागिता और विकास की उस नई चेतना का परिचायक है, जो आज माड़ के गांवों में आकार ले रही है। सुधीर जैन/चंद्राकर/05 जून 2026