- समाज के उच्च शिक्षित युवा दे रहे आध्यात्मिकता के साथ सात्विक जीवन शैली की शिक्षा भोपाल (ईएमएस)। बच्चों के समर वेकेसन गर्मियों के अवकाश का सद उपयोग कर रहे हैं। जैन समाज के बच्चों द्वारा प्रतिदिन सुबह से भगवान जिनेंद्र का अभिषेक, पूजा, अर्चना के साथ अपनी दिनचर्या का उपयोग कर रहे हैं। चौक जिनालय में बच्चों ने भक्ति भाव से अष्ट द्रव्य से प्रभु शांति नाथ की आराधना की। विदित हो कि शिक्षण संस्कार शिविर के दौरान दिन भर जैन सिद्धांत के अनुसार अपनी क्रिया करते हैं। शिविर प्रभारी मोहित बड़कुल ने बताया कि बाल एवं युवा शिक्षण शिविर में बच्चों द्वारा प्रतिदिन स्वाध्याय सामूहिक आराधना की जा रही है। अनेक बच्चों ने फास्ट फूड आदि का त्याग किया है। शिविर के माध्यम से जीवन में सरल सात्विक जीवन जीने की कला सिखाई जा रही है। शिविर प्रभारी मोहित बड़कुल ने बताया , शिक्षण के लिए बहार से उच्च शिक्षित युवा विद्वान पधारे है, जो बच्चों के साथ सभी वर्गों को आध्यात्मिकता के साथ सरलता के साथ जीवन को सही दिशा ओर दशा प्रदान करने की शिक्षा दे रहे है। इनमें प्रमुख प. अशोक मांगुलकर, प. रितेश शास्त्री इंदौर, पंडित सौरभ अहमदाबाद, पंडित आयुष दिल्ली, पंडित मुक्तेश अशोक नगर, पंडित आर्जव सिवनी आदि विद्वानों द्वारा दी जा रही है। शिविर में प्रत्येक आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। मुख्य उद्देश परस्पर सहयोग की भावना के साथ भारत की अमूल्य संपदा संस्कृति, संस्कारों की रक्षा करना है। इस अवसर पर मुमुक्षु मंडल के अध्यक्ष अशोक जैन, मंत्री देवेंद्र बड़कुल, राजीव मोदी, अनुभव जैन, आशुतोष जैन, संजीव मोदी, अक्षय बड़कुल, अचीत सोगानी, मुस्कान सोगानी, अंतरा भारिल सहित अनेक युवा सहयोग कर रहे है। मोहित बड़कुल/ 05 जून, 2026