स्मार्ट कूलिंग सर्फेसेसः तापमान तीन-चार डिग्री तक हो सकता है कम भोपाल स्मार्ट सिटी और टेरी ने बनाया स्मार्ट सर्फेसेस बेनिफिट-कॉस्ट एनालिसिस टूल भोपाल(ईएमएस)। जलवायु परिवर्तन के साथ ही तापमान भी बढ़ रहा है। प्राचीन समय में लोग निर्माण कार्यों में चूने, मिट्टी और अन्य तरीकों का इस्तेमाल कर तापमान को नियंत्रित करते थे। वर्तमान में कांक्रीट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इसके कारण तापमान में भी इजाफा हो रहा है। शहरों को अब स्मार्ट कूलिंग सर्फेसेस की जरूरत है। इसके लिए प्रेक्टिकल डिमांस्ट्रेशन वाले प्रोजेक्ट होना चाहिए। इससे तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। तापमान तीन से चार डिग्री तक कम हो सकता है। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि शहरों के मास्टर प्लान में भी इस तरह के कूलिंग टूल्स को शामिल किया जाना चाहिए। यह बात भोपाल कलेटर प्रियंक मिश्रा ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर सदर मंजिल में ग्लोबल वॉर्मिंग विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इसका आयोजन भोपाल स्मार्ट सिटी और द एनर्जी एंड रिसोर्सेस इंस्टीट्यूट (टेरी) ने संयुक्त रूप से किया था। कार्यक्रम में भोपाल स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती अंजू अरूण कुमार, सीनियर डायरेटर टेरी संजय सेठ, स्वास्तिक सस्टेनेबल सर्विसेस के सीईओ सुरेद्र वाजपेयी, जेके व्यास आदि उपस्थित थे। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि भोपाल में एआई सिटी, आईटी सिटी और एज्युकेषन सिटी को अलग-अलग एजेंसियां बनाने जा रही हैं। इनमें भी स्मार्ट कूलिंग सर्फेस तकनीक का इस्तेमाल कर तापमान तीन से चार डिग्री तक कम किया जा सकता है। कार्यक्रम में भोपाल स्मार्ट सिटी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजू अरूण कुमार ने कहा कि कूलिंग सर्फेस की दिषा में भोपाल स्मार्ट सिटी और टेरी कार्य कर रहे हैं ताकि इसकी जानकारी नागरिकों तक आसानी से पहुंच सके। इससे पूर्व कार्यक्रम में जुड़े प्रोडेक्ट्स को स्मार्ट कूलिंग सर्फेसेस के वेब बेस्ड टूल स्मार्ट सर्फेसेस बेनिफिट-कॉस्ट एनालिसिस टूल को लांच किया गया। हरि प्रसाद पाल /05 जून, 2026