:: सूखे बोरवेल बनेंगे रिचार्ज शाफ्ट, बिल्डर्स और महिला समूहों के साथ निगम की बड़ी बैठक :: इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छता में देश का सिरमौर रहने के बाद अब इंदौर को जल संरक्षण में भी आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। शासन की मंशानुसार संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान को शहर में एक व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य इंदौर को वाटर प्लस के गौरव के बाद अब वाटर रिच यानी भूजल के मामले में समृद्ध शहर बनाना है। इसी सिलसिले में निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा सिटी बस कार्यालय में शहर के प्रमुख कॉलोनाइजरों, बिल्डर्स और महिला स्व-सहायता समूहों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की गई। बैठक में निगम आयुक्त ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि शहर में निर्माणाधीन सभी नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण अनिवार्य रूप से करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने एक महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार साझा करते हुए निर्देश दिए कि शहर के विभिन्न कोनों में जो बोरवेल सूख चुके हैं या अनुपयोगी हो चुके हैं, उन्हें बंद करने के बजाय रिचार्ज शाफ्ट में बदला जाए। इससे बारिश का पानी बेकार बहने के बजाय सीधे धरती के भीतर उतरेगा और भूजल स्तर में तेजी से सुधार होगा। इस अभियान की सफलता के लिए निगम प्रशासन ने जन-भागीदारी को सबसे बड़ा माध्यम बनाया है। बैठक में शामिल कॉलोनाइजरों, बिल्डर्स और महिला स्व-सहायता समूहों ने इस पुनीत कार्य में पूरी सहभागिता का आश्वासन दिया। जहाँ बिल्डर्स ने अपनी सभी साइट्स पर आधुनिक रेनवाटर हार्वेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की बात कही, वहीं महिला समूहों ने जिम्मा लिया है कि वे शहर के वार्डों और कॉलोनियों में घर-घर जाकर आम नागरिकों को जल सहेजने के प्रति जागरूक करेंगी। निगम का यह चौतरफा प्रयास इंदौर को भविष्य के जल संकट से सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। प्रकाश/05 जून 2026