नई दिल्ली (ईएमएस)। गर्मी के मौसम में त्वचा की देखभाल को लेकर लापरवाही गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। ऐसे में शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते उचित सावधानी बरतना जरूरी है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, अत्यधिक गर्मी और अधिक पसीना आने के कारण त्वचा पर कई तरह की परेशानियां शुरू हो सकती हैं। इनमें सबसे सामान्य समस्या घमौरियों की होती है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में प्रिकली हीट कहा जाता है। यह स्थिति तब पैदा होती है जब पसीना त्वचा के रोमछिद्रों या त्वचा की सिलवटों में फंस जाता है। इससे त्वचा में जलन, सूजन और खुजली जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। यह परेशानी विशेष रूप से बच्चों, अधिक वजन वाले लोगों और उन व्यक्तियों में ज्यादा देखी जाती है जिन्हें सामान्य से अधिक पसीना आता है। विशेषज्ञों के अनुसार घमौरियों के लक्षणों में त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने या फुंसियां निकलना, लगातार खुजली होना, चुभन या जलन महसूस होना शामिल है। यह समस्या मुख्य रूप से गर्दन, छाती, कमर, कांख और त्वचा की सिलवटों वाले हिस्सों में दिखाई देती है। कुछ मामलों में हल्का बुखार या त्वचा में अधिक जलन की शिकायत भी हो सकती है। नेशनल हेल्थ मिशन ने गर्मी के मौसम में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए कुछ सरल और प्रभावी उपाय सुझाए हैं। लोगों को ठंडी और कम नमी वाली जगह पर रहने की सलाह दी गई है। जहां पंखा, कूलर या पर्याप्त वेंटिलेशन हो, वहां अधिक समय बिताना लाभदायक माना गया है। साथ ही त्वचा को हमेशा साफ और सूखा रखने पर जोर दिया गया है। नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह पोंछना चाहिए ताकि नमी जमा न हो सके। आराम के लिए साधारण टैल्कम पाउडर का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन तेज खुशबू या अधिक रसायन वाले उत्पादों से बचना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ढीले और सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने तथा लंबे समय तक धूप में रहने से बचने की सलाह देते हैं। इसके अलावा तैलीय और मसालेदार भोजन का सेवन सीमित रखने तथा बच्चों की त्वचा पर विशेष ध्यान देने की भी आवश्यकता बताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दाने बढ़ने लगें, तेज बुखार आ जाए या संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। सुदामा/ईएमएस 06 जून 2026