क्षेत्रीय
06-Jun-2026
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- कलार कलचुरी समाज ने एसपी ऑफिस घेरा - वीडियो साक्ष्य सौंपकर की सख्त कार्रवाई की मांग गुना। शहर के बीचों-बीच वंदना कॉन्वेंट स्कूल के पास व्यापारी नरेश चौकसे पर हुए सनसनीखेज और प्राणघातक हमले को लेकर कलार कलचुरी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी न होने और पुलिस की ढीली कार्रवाई से नाराज समाज के सैकड़ों लोग शनिवार एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहाँ समाज के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक हितिका वासल को एक शिकायती ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पूरे मामले की किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है। फरसे और पाइप से किया लहूलुहान, हालत नाजुक होने पर इंदौर रेफर घायल व्यापारी के भाई और विंध्याचल कॉलोनी निवासी प्रार्थी संतोष चौकसे ने बताया कि बीती 4 जून 26 को सुबह लगभग 9:30 बजे उनका भाई नरेश चौकसे मंदिर से दर्शन कर स्कूटी से घर लौट रहा था। तभी वंदना स्कूल वाली गली में पहले से घात लगाए बैठे संतोष किरार, सूरज किरार, श्रीराम किरार और तीन अन्य अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। संतोष किरार ने सीधे सिर पर फरसे से वार किया, जिससे नरेश नीचे गिर पड़े। इसके बाद सभी आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से लाठी, डंडों और लोहे के पाइप से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। नरेश ने जान बचाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने पीछा कर उन्हें दोबारा पकड़ा और तब तक बेरहमी से पीटा जब तक वे अधमरे नहीं हो गए। गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण नरेश को जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। समाज ने घटना का लाइव वीडियो फुटेज भी पेन ड्राइव के माध्यम से एसपी को सौंपा है। राजनीतिक संरक्षण और पुलिस की संवेदनहीनता के आरोप प्रार्थी संतोष चौकसे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य आरोपी संतोष किरार और उसके साथियों के खिलाफ बमोरी थाने में पूर्व से ही अपराध क्रमांक 114/2026 और 34/2025 दर्ज हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी पुलिस ने समय पर ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने दिनदहाड़े इस वारदात को अंजाम दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंची कोतवाली पुलिस ने घायल के बताए अनुसार वास्तविक तथ्यों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की और केवल औपचारिक धाराएं लगाकर औपचारिकता पूरी कर ली। आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण पुलिस हाथ डालने से बच रही है। इसके साथ ही अब पीडि़त परिवार पर रिश्तेदारों के माध्यम से केस वापस लेने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। एसपी ने दिया निष्पक्ष जांच और त्वरित गिरफ्तारी का आश्वासन कलार कलचुरी समाज के पदाधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि इस गंभीर मामले में पुलिस ने लीपापोती करने की कोशिश की या राजनैतिक दबाव में आरोपियों को बचाया, तो पूरा समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन लेने के बाद पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए परिजनों को आश्वस्त किया कि पुलिस किसी भी दबाव में काम नहीं कर रही है। वीडियो फुटेज और पेन ड्राइव के साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। - सीताराम नाटानी