श्रीगंगानगर,(ईएमएस)। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने और खरीद अवधि आगे बढ़ाने की मांग को लेकर श्रीगंगानगर में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कलेक्ट्रेट की ओर जा रहे थे। तभी किसानों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति तब बन गई, जब प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और शहर के प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए थे। किसान महाराजा गंगा सिंह चौक पर लगाए गए अवरोधकों को पार कर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे, तभी ट्रेनी आईपीएस ज्ञानेंद्र भारती ट्रैक्टरों के सामने खड़े हो गए। उनके इस कदम के बाद किसानों का काफिला रुक गया और मौके पर नारेबाजी शुरू हो गई। ज्ञानेंद्र भारती ने किसानों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की और उन्हें प्रशासन से वार्ता के लिए राजी करने का प्रयास किया। काफी समझाइश के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से बातचीत के लिए तैयार हुआ। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे से कलेक्ट्रेट में किसानों और प्रशासन के बीच वार्ता शुरू हुई। किसानों का कहना है कि इस वर्ष जिले में गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर हुआ है, लेकिन सरकारी खरीद का लक्ष्य पर्याप्त नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में फसल अभी भी किसानों के घरों में पड़ी हुई है। उनका आरोप है कि भजनलाल सरकार ने जरूरत के मुताबिक खरीद नहीं की, जिससे किसानों को मजबूर होकर खुले बाजार में कम कीमत पर गेहूं बेचना पड़ रहा है। किसान नेताओं के अनुसार, बाजार में गेहूं का भाव औसतन 2400 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है, जबकि एमएसपी 2735 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। उनका दावा है कि जिले के लगभग 40 प्रतिशत किसान अब तक अपनी उपज सरकारी एजेंसियों को नहीं बेच पाए हैं। आशीष दुबे / 06 जून 2026