-एनएफएचएस-6 के आंकड़ों को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने नई दिल्ली,(ईएमएस)। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) के आंकड़ों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े छिपाने के आरोप लगाए जाने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि अधूरी जानकारी के आधार पर राजनीति की जा सकती है, लेकिन देश का भला तथ्यों से होता है। दरअसल, खड़गे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा था, कि केंद्र सरकार महिलाओं और बच्चों से जुड़े स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी महत्वपूर्ण आंकड़े छिपा रही है। उन्होंने दावा किया कि एनएफएचएस-6 के आंकड़े सरकार की नीतिगत विफलताओं को उजागर करते हैं और इसी कारण उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नड्डा ने कहा कि जनस्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसे केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएफएचएस-6 का डेटा भारत के स्वास्थ्य तंत्र में हुए व्यापक सुधारों और बदलावों को दर्शाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उनके अनुसार, पहली तिमाही में प्रसव-पूर्व पंजीकरण का प्रतिशत 43.9 से बढ़कर 76.2 हो गया है। वहीं संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 38.7 प्रतिशत से बढ़कर 90.6 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इसके अलावा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में होने वाले जन्मों का प्रतिशत 46.6 से बढ़कर 91.3 तक पहुंच गया है। नड्डा ने कहा कि लाखों महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित प्रसव सेवाएं मिल रही हैं, जो देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि भारत की स्वास्थ्य यात्रा की असली कहानी प्रगति और सुधार की है, न कि निराशा की। हिदायत/ईएमएस 06जून26