राष्ट्रीय
06-Jun-2026


-आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इंकार कोटा (ईएमएस)। राजस्थान के कोटा जिले में मौजूद ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या से संत समाज में भारी आक्रोश है। बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित करीब 1100 वर्ष पुराने मठ में शुक्रवार देर रात अज्ञात बदमाशों ने सो रहे महंत पर चाकू से हमला किया। गंभीर रूप से घायल महंत को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटना शुक्रवार रात करीब 12 बजे की है। ग्रामीणों को मठ परिसर में महंत गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। उन्हें कोटा के महाराव भीम सिंह अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने महंत पर गर्दन और पीठ सहित शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियार से वार किए थे। जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय देवानंद महाराज मायापुरी अखाड़े से जुड़े थे और मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के रजवाना क्षेत्र के निवासी थे। वह पिछले चार वर्षों से चंद्रेसल मठ में रहकर धार्मिक गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। लोगों और संत समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वारदात के समय मठ में एक अन्य संत नंदनवन महाराज भी मौजूद थे। आरोप है कि बदमाशों ने पहले उन्हें कमरे में बंद कर दिया और फिर महंत के कक्ष में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में साधु-संत, हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। संत समाज ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक महंत का शव नहीं लिया जाएगा। अस्पताल परिसर में संत समाज और विभिन्न संगठनों ने धरना शुरू कर दिया है। कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखकर विशेष टीमों का गठन किया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए जांच तेज की गई है। आशीष दुबे / 06 जून 2026