कल्याण, (ईएमएस)। मुंबई से सटे कल्याण पश्चिम स्थित मोहने इलाके में व्हाट्सएप डीपी और स्टेटस को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद हिंसक रूप ले बैठा। दुश्मन के साथ फोटो लगाने से नाराज एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर दूसरे युवक पर दो राउंड फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में युवक बाल-बाल बच गया, जबकि मुख्य आरोपी ने बाद में खुद को भी गोली मार ली। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और घायल मुख्य आरोपी को भी हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, मोहने के पाटील नगर क्षेत्र में रहने वाले अभिषेक पवार उर्फ अभी और गौरव सालुंखे के गुटों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। 26 मई को मोनू फुलोरे नामक युवक ने गौरव सालुंखे के साथ अपनी एक तस्वीर व्हाट्सएप डीपी और स्टेटस पर लगाई थी। बताया जा रहा है कि अभिषेक पवार ने इसे अपनी प्रतिद्वंद्वी गुट का समर्थन मान लिया और इसी बात से नाराज होकर उसने मोनू को सबक सिखाने की योजना बनाई। पुलिस जांच में सामने आया है कि शुक्रवार रात अभिषेक पवार अपने 10 से 12 साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर पाटील नगर पहुंचा। उसका मकसद मोनू फुलोरे को ढूंढना था। जब मोनू और उसके भाई ने देखा कि अभिषेक और उसके साथी उनकी ओर बढ़ रहे हैं, तो दोनों वहां से भागने लगे। इसी दौरान गुस्से में अभिषेक ने मोनू की ओर दो राउंड फायरिंग कर दी। हालांकि, किस्मत से मोनू फुलोरे इस हमले में सुरक्षित बच गया और उसे कोई गोली नहीं लगी। फायरिंग के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। इसी दौरान हुए घटनाक्रम में अभिषेक पवार ने कथित तौर पर अपने ही हाथ पर गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गया। घटना के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही खड़कपाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती दौर में कुछ लोगों ने यह अफवाह फैलाने की कोशिश की कि फायरिंग मोनू फुलोरे ने की थी, जिससे पुलिस को गुमराह किया जा सके। लेकिन पुलिस की विस्तृत जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि फायरिंग अभिषेक पवार ने ही की थी। इस मामले में खड़कपाड़ा पुलिस ने सोहेल तांबोली और विजय भुतकर नामक दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अस्पताल में भर्ती मुख्य आरोपी अभिषेक पवार को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य संदिग्ध साथियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से लाया गया था और क्या इसके पीछे किसी बड़े आपराधिक विवाद का संबंध है। संतोष झा- ०६ जून/२०२६/ईएमएस