अंतर्राष्ट्रीय
07-Jun-2026
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-अमेरिका ने कहा- इन संगठनों का अल-कायदा या आईएसआईएल से जुड़ाव नहीं न्यूयॉर्क,(ईएमएस)। अमेरिका ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और मजीद ब्रिगेड पर प्रतिबंध लगाने को रोक दिया है। चीन-पाकिस्तान को झटका देते हुए अमेरिका ने बीएलए को यूएन1267 आतंकी प्रतिबंध व्यवस्था के तहत नामित करने का प्रस्ताव रोक दिया है। अमेरिका का कहना है कि इन संगठनों का अल-कायदा या आईएसआईएल से जुड़ाव के सबूत नहीं है। वॉशिंगटन के इस फैसले का अहम राजनीतिक संदेश है क्योंकि यह आतंकवाद पर भारत के रुख के साथ तालमेल दिखाता है। इससे ऐसे मामलों में पाकिस्तान की ओर झुकाव की चिंता कम होती हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूएन1267 की अल-कायदा और आईएसआईएल व्यवस्था के तहत नामित करना पाकिस्तान की उस कोशिश का अहम हिस्सा था, जिसमें वे भारत को आतंकवाद का प्रायोजक बताने का नैरेटिव बनाते हैं। सेना प्रमुख मुनीर पाकिस्तान के बलूच समूहों को फितना-अल-हिंदुस्तान कहते हैं। बीएलए पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय गुट है। बीएलए ने पाकिस्तानी आर्मी और सरकार के खिलाफ लड़ाई छेड़ रखी है। पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर यूएन में इन दोनों संगठनों को अल-कायदा और आईएसआईएल से जुड़ा हुआ घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया। यूएनएससी के एक स्थायी सदस्य फ्रांस के समर्थन से भारत इस प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगवाने में कामयाब रहा। इस आधार पर कि बीएलए का अल-कायदा या आईएसआईएल से स्पष्ट संबंध नहीं था। यह रोक शुरू में छह महीने के लिए लगी और बाद में अमेरिका ने इसे तीन महीने बढ़ा दिया था। बता दें अमेरिका ने अपना रुख पक्का कर लिया है और यूएन के स्थायी सदस्य के तौर पर प्रस्ताव को रोकने का अपना फैसला बता दिया है। सूत्रों ने बताया कि फ्रांस और ब्रिटेन ने अमेरिका के रुख का समर्थन किया जबकि रूसी पक्ष चीन के साथ अपनी करीबी के कारण पूरी प्रक्रिया में चुप रहा। यूएन 1267 प्रस्ताव के अब किसी नतीजे पर ना पहुंच पाने की स्थिति को देखते हुए प्रतिबंधों की दूसरी ऐसी सूची पर विचार कर रहा है, जिनके तहत बीएलए और मजीद ब्रिगेड को शामिल किया जा सके। पाकिस्तान अभी यूएनएससी का अस्थायी सदस्य है लेकिन उसका यूएन में कार्यकाल इस साल खत्म हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के इस फैसले से संकेत मिलता है वह चीन का समर्थन करते हुए नहीं दिखना चाहता है। बीजिंग ने बार-बार भारत और अमेरिका के उन प्रस्तावों को अटकाया है, जिनमें पाकिस्तान के आतंकी संगठनों- लश्कर तैयबा और जैश मोहम्मद से जुड़े लोगों पर बैन लगाने की बात कही गई थी। चीन की वजह से ही साजिद मीर, शाहिद महमूद और तलहा सईद जैसे आतंकी 1267 व्यवस्था के तहत प्रतिबंधित नहीं किए जा सके हैं। सिराज/ईएमएस 07 जून 2026