अंतर्राष्ट्रीय
08-Jun-2026
...


ट्रंप का दावा- तेल, गैस और कोयला सर्वाधिक अमेरिका के पास वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और वैश्विक तेल बाजार को लेकर एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास तेल, गैस, कोयला और अन्य प्राकृतिक ऊर्जा संसाधनों का ऐसा असीमित भंडार है, जिसकी तुलना दुनिया का कोई भी अन्य देश नहीं कर सकता। उन्होंने विशेष रूप से वेनेजुएला के साथ सुधरते संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि इस कूटनीतिक सफलता ने अमेरिका की स्थिति को वैश्विक पटल पर अभूतपूर्व रूप से मजबूत कर दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला के संसाधनों को मिलाकर अब अमेरिका के पास दुनिया के लगभग 64 प्रतिशत ऊर्जा संसाधन मौजूद हैं, जो वैश्विक स्तर पर एक अद्भुत और ऐतिहासिक आंकड़ा है। उन्होंने जानकारी दी कि बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियों ने वहां पहले ही अपना काम शुरू कर दिया है, जिससे जल्द ही लाखों बैरल तेल का उत्पादन किया जाएगा। गैसोलीन निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके पास कई रणनीतिक विकल्प खुले हैं, लेकिन अमेरिका की प्राकृतिक संपदा ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी तेल कंपनियों की उत्पादन क्षमता और वैश्विक बाजार की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े विशेषज्ञों को आशंका थी कि भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें 300 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच जाएंगी, लेकिन अमेरिकी नीतियों के कारण वर्तमान में यह महज 96-97 डॉलर प्रति बैरल पर टिकी हुई हैं। ईरान का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि उसकी स्थिति अब बेहद कमजोर है और वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। इसके साथ ही उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाले तेल परिवहन पर बात करते हुए बताया कि अमेरिकी नौसेना की मजबूत उपस्थिति के कारण तेल की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो रही है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें पूरी तरह नियंत्रण में हैं। ट्रंप ने अमेरिकी प्रांत आयोवा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कुछ महीने पहले गैसोलीन की कीमत 1.85 डॉलर प्रति गैलन थी, जिसमें आने वाले समय में और सुधार होने की उम्मीद है। चिपेवा फॉल्स की यात्रा के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका की यह नई और आक्रामक ऊर्जा नीति न केवल देश को सशक्त बनाएगी, बल्कि इसका सीधा फायदा पूरी दुनिया को मिलेगा। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के लोग अमेरिका के इस कदम से खुश हैं और वहां समृद्धि लौट रही है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि जल्द ही कच्चे तेल से जुड़े तमाम विवाद सुलझ जाएंगे और इसकी कीमतें और अधिक नीचे आएंगी। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं। हालिया घटनाक्रमों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की तरफ बढ़ रहे कई ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को बीच हवा में ही सफलतापूर्वक मार गिराया है, जो कुवैत और बहरीन की ओर दागी गई थीं। राष्ट्रपति ट्रंप ने इन हमलों का जिक्र करते हुए साफ किया कि अमेरिका की ऊर्जा संप्रभुता और सैन्य ताकत दोनों ही पूरी तरह अभेद्य हैं, जो भविष्य में भी वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाएंगी। ट्रंप का यह ताजा रुख अमेरिका की बढ़ती ऊर्जा स्वतंत्रता और दुनिया पर उसके बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव को साफ तौर पर दर्शाता है। वीरेंद्र/ईएमएस 08 जून 2026