खेल
08-Jun-2026
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न्यूयॉर्क (ईएमएस)। 11 जून से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में संयुक्त रुप से शुरु होने जा रहे फीफा विश्वकप फुटबॉल को लेकर प्रशंसकों में वैसा उत्साह नहीं दिखता जो आम तौर पर देखा जाता है। इस कारण विश्वकप के महंगे टिकट, तीन देशों के बीच यात्रा का अत्यधिक खर्च और अमेरिका में प्रवेश संबंधी दिक्कतें हैं। इससे प्रशंसक घर से ही मैच देखना चाहते हैं। इंग्लैंड के एक ऐसे ही प्रशंसका का कहना है कि उससे पिछले चार विश्व कप देखें पर इस बार वह यूरोप में ही रहकर टूर्नामेंट के कुछ मुकाबलों का आनंद पुर्तगाल के समुद्र तट पर लगी स्क्रीन में उठाएगा। वहीं अर्जेंटीना के प्रशंसक ने कहा कि वह इस बार केवल दो मैच देखकर ही स्वदेश लौट जाएगा। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार पहले की तादाद में कम प्रशंसक विश्वकप में दिखेंगे। विश्व कप के दौरान अपनी टीम का समर्थन करने के लिए लंबी छुट्टियां लेकर विदेश यात्रा करने वाले प्रशंसक आमतौर पर धानी वर्ग से आते हैं पर पिछले टूर्नामेंटों में सीमित साधनों वाले प्रशंसक भी वर्षों तक बचत कर इस विश्वकप में पहुंच जाते थे पर इस बा कीमतें अधिक होने से उनकी कमी रहेगी। पिछली बार, ग्रुप चरण के सबसे निचले श्रेणी के टिकट 69 डॉलर में उपलब्ध थे। वहीं इस बार, फीफा उन्हीं टिकटों को 265 डॉलर तक में बेच रहा है, जो चार गुना से भी अधिक की कीमत है। इसके अलावा, रूस 2018 और कतर 2022 विश्व कप में मेजबान शहरों के बीच निःशुल्क परिवहन सुविधा दी गई थी, जबकि अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में फैले 16 स्टेडियमों के बीच यात्रा करना कहीं अधिक महंगा साबित रहेगा। पहले, फीफा के आधिकारिक पुनर्विक्रय रीसेल मंच पर टिकट मूल कीमत से अधिक पर नहीं बेचे जा सकते थे पर इस बार, संस्था ने प्रशंसकों को अपनी इच्छानुसार ऊंची कीमत पर टिकट बेचने की अनुमति दे दी है और हर लेनदेन पर 30 फीसदी शुल्क भी वसूल रही है। वहीं फीफा का कहना है किटिकटों की अधिक कीमतों के बाद भी मांग पर विशेष असर नहीं पड़ा है। प्रशंसकों का मानन है कि इस बार कीमतें काफी अधिक हैं। उनके मुताबिक, अमेरिका अब तक का सबसे खराब मेजबान साबित होगा। गिरजा/ईएमएस 08जून 2026