नई दिल्ली (ईएमएस)। हार्ट अटैक अक्सर अचानक होने वाली घटना माना जाता है, लेकिन कई बार शरीर इसके आने से पहले कुछ महत्वपूर्ण संकेत देता है। यदि इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए और तुरंत चिकित्सकीय सहायता प्राप्त की जाए तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है और मरीज की जान भी बचाई जा सकती है। यह कहना है स्वास्थ्य विशेषज्ञों का। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों के प्रति जागरूकता बेहद आवश्यक है। इसका सबसे सामान्य लक्षण सीने में दर्द, दबाव, भारीपन या जकड़न महसूस होना है। कई बार यह दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों तक भी फैल सकता है। विशेष रूप से बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े, पीठ और कोहनी में दर्द या असहजता महसूस होना हृदय संबंधी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक सांस लेने में कठिनाई या अचानक सांस फूलना भी हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षणों में शामिल है। इसके अलावा मतली, उल्टी, पेट में बेचैनी, अत्यधिक थकान और सामान्य कार्यों के दौरान असामान्य कमजोरी महसूस होना भी खतरे की घंटी हो सकता है। कई लोगों को चक्कर आने, ठंडा पसीना आने और चेहरे का रंग पीला पड़ने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं और बुजुर्गों में हार्ट अटैक के लक्षण कई बार सामान्य या अलग प्रकार के दिखाई देते हैं, जिसके कारण समय पर पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि सीने में दर्द या अन्य संबंधित लक्षण पांच मिनट से अधिक समय तक बने रहें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। समय पर उपचार मिलने से हृदय को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है और जीवन बचाने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हार्ट अटैक के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित और पौष्टिक आहार, धूम्रपान से दूरी तथा शराब का सीमित सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। भोजन में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जबकि तले-भुने और अत्यधिक नमक व चीनी वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। इसके अलावा रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा की नियमित जांच कराना भी जरूरी है। योग, ध्यान, तनाव प्रबंधन और पर्याप्त नींद हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बता दें कि बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और अनियमित खानपान के कारण हृदय रोगों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में हार्ट अटैक की घटनाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। सुदामा/ईएमएस 08 जून 2026