* राज्यभर की लगभग 54 हजार स्कूलों में करीब 1.15 करोड़ विद्यार्थियों का पारंपरिक स्वागत अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात में ग्रीष्मावकाश के समापन के साथ ही सोमवार से पूरे राज्य के सभी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की औपचारिक शुरुआत हो गई। अहमदाबाद सहित पूरे राज्य में लगभग 54,000 से अधिक स्कूलों के द्वार एक बार फिर विद्यार्थियों के लिए खुल गए, जिससे पूरे शैक्षणिक परिसर में रौनक और चहल-पहल लौट आई। पिछले लगभग 35 दिनों से शांत पड़े स्कूलों में आज सुबह से ही बच्चों की किलकारियाँ और हँसी-खुशी का माहौल देखने को मिला। स्कूल परिसरों में लंबे समय बाद बच्चों की आवाज़ों ने फिर से जीवंतता भर दी। पहले दिन ही करीब एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न स्कूलों में उत्साहपूर्वक उपस्थिति दर्ज कराई, जिन्हें शिक्षकों द्वारा पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और पुष्प भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। स्कूलों के प्रवेश द्वारों पर विशेष स्वागत व्यवस्था की गई थी, जहाँ शिक्षकों और स्टाफ ने विद्यार्थियों का मुस्कान के साथ अभिनंदन किया। कई स्थानों पर बच्चों का स्वागत सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रेरणादायक संदेशों के साथ भी किया गया, जिससे पहले दिन का माहौल और भी उत्सवपूर्ण बन गया। लंबे अवकाश के बाद दोस्तों और शिक्षकों से मिलने की खुशी बच्चों के चेहरों पर साफ झलक रही थी। जहां सामान्यतः छुट्टियों के बाद शुरुआती दिनों में बच्चे स्कूल जाने में अनिच्छा या रोते हुए दिखाई देते हैं, वहीं इस वर्ष का दृश्य काफी अलग और सकारात्मक रहा। अधिकांश छात्र मुस्कुराते हुए और उत्साह के साथ स्कूल परिसरों में प्रवेश करते देखे गए। शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन के अनुसार, नए सत्र की शुरुआत पहले ही दिन से पूरी तरह व्यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से की गई। विद्यार्थियों को नई किताबों, पाठ्यक्रम और वार्षिक शैक्षणिक लक्ष्यों के बारे में प्रारंभिक जानकारी दी गई, ताकि वे पूरे वर्ष की पढ़ाई के लिए मानसिक रूप से तैयार हो सकें। कई स्कूलों में कक्षाओं की शुरुआत प्रेरणादायक सत्रों के साथ की गई, जिसमें शिक्षकों ने छात्रों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण के महत्व के बारे में समझाया। इसके साथ ही, बच्चों को नए सत्र के लिए उत्साहित करने हेतु विभिन्न गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। स्कूलों में एक बार फिर से शैक्षणिक गतिविधियों की गति तेज हो गई है। किताबों के बोझ, होमवर्क और परीक्षा की तैयारियों के बीच एक नया शैक्षणिक वातावरण तैयार हो चुका है। पूरे राज्य में शिक्षा व्यवस्था में फिर से ऊर्जा और सक्रियता लौट आई है। इस प्रकार, नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत ने न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों में भी नई उम्मीदें और उत्साह भर दिया है। सतीश/08 जून