- मैरिज ब्यूरो संचालक बनकर एक महिला से शादी की बातचीत कराई - लाखो की रकम ऐठनें के बाद दी उस महिला की मौत की खबर भोपाल(ईएमएस)। अकेलेपन को दूर करने के लिये जीवनसाथी की तलाश में 64 वर्षीय भोज मुक्त यूनिवर्सिटी के एडवाइजर को अखबार में छपे वैवाहिक विज्ञापन पर संपर्क करना मंहगा पड़ गया। अनजाने में ही वह शातिर जालसाजों के जाल में फंस गए। ठगो ने मैरिज ब्यूरो संचालक बनकर उनसे बातचीत की और रजिस्ट्रेशन फीस जमा कराने के बाद शादी के लिए एक महिला बताकर उस महिला से बातचीत भी करा दी। उस महिला ने फोन पर उनसे बातचीत करते हुए शादी के लिये सहमति देने के साथ ही उन्हें अपने विश्वास में लिया और अलग-अलग बहाने से लाखो की रकम ऐंठ ली। आाखिर में फरियादी को बताया की जिस महिला से उनकी शादी की बात चल रही थी, उसकी मौत होने गई है। तब पीड़िता को अपने साथ ठगी का अहसास हुआ और मामला पुलिस के पास पहुचां। घटना कोलार रोड थाना इलाके की है। - पेपर में देखा था रिटायर्ड सुपरवाइजर महिला की शादी का ऐड पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 64 वर्षीय संजय गुलाटी ने अपनी शिकायत में बताया की वह दानिश कुंज में रहते हैं। 29 मार्च 2026 को उन्होंने एक समाचार पत्र में वैवाहिक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में इंदौर में रहने वाली महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवानिवृत्त सुपरवाइजर 60 वर्षीय कविता शर्मा के लिए वर की आवश्यकता बताई गई थी। और संपर्क के लिए एक मोबाइल नंबर दिया गया था। संजय गुलाटी ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया तब दूसरी और से बात करने वाली महिला ने खुद को मैरिज ब्यूरो संचालिका बताते हुए रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप 1500 रुपए ऑनलाइन जमा कराये। उस महिला ने शादी की बात करते हुए दिये गये ऐड के अनुसार उनकी बातचीत कविता शर्मा नाम की महिला से कराई। - कविता ने खुद को काफी परेशान बताकर बढ़ाई नजदीकियां कथित महिला कविता शर्मा ने बातचीत के दौरान संजय गुलाटी को बताया कि उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है, वहीं पति की पांच साल पहले लीवर कैंसर से मृत्यु हो गई थी। उसकी एक बेटी थी, लेकिन उसकी भी सड़क हादसे में जान चली गई है। कविता ने उन्हें बताया की वह महिला एवं बाल विकास विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी है, और अब परिवार में उसके अलावा केवल नागपुर में रहने वाली बहन और जीजा ही हैं। इसके बाद उनके बीच लगातार बातचीत होती रही और महिला की बातों में आकर वह उस पर विश्वास करने लगे। - महिला ने बताई बहन-जीजा के एक्सीडेंट की कहानी संजय गुलाटी ने पुलिस को आगे बताया कि वे कविता से मिलकर बातचीत करने के लिए इंदौर जाने की तैयारी कर चुके थे। लेकिन 2 अप्रैल को कविता ने फोन कर बताया कि उसकी बहन और जीजा का नागपुर में एक्सीडेंट हो गया है। हादसे में जीजा की मौत हो गई और बहन काफी नाजूक हालत में अस्पताल में भर्ती है। उसने कहा कि वह तुरंत नागपुर जा रही है। इसके बाद उसी रात कविता ने संजय को फोन कर बताया कि उसकी बहन के ब्रेन ऑपरेशन के लिए तीन लाख रुपए की जरूरत है, जिसमें से ढाई लाख रुपए की व्यवस्था हो चुकी है, लेकिन 50 हजार रुपए कम पड़ रहे हैं। भावनात्मक रूप से जुड़ चुके संजय गुलाटी ने मदद के लिए 50 हजार रुपए ऑनलाइन भेज दिए। - अगल-अलग बहानो से बढ़ता गया रकम का आंकड़ा इसके बाद कविता ने कभी बहन के ऑपरेशन, हॉस्पिटल चार्ज, दवाइयों, महंगी जॉचो और इलाज के अन्य मंहगे खचों का कहते हुए उनसे लगातार मदद करने की बात कहने लगी। उसके कहने पर संजय गुलाटी अलग-अलग किस्तों में कभी डॉक्टर के खाते में, कभी रिश्तेदार के खाते में तो कभी किसी अन्य के एकाउंट के नाम पर भेजे गए क्यूआर कोड पर पैसा भेजते रहे। जांच में सामने आया कि एक खाते पर डॉक्टर माधुरी वर्मा का नाम दिखाई देता था, जबकि दूसरे भुगतान कलेन्द्री माझी नामक महिला के खाते में कराए गए। इस तरह करीब एक महीने में उन्होंने अलग-अलग एकाउंट और मोबाइल नंबरों 10 पर लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। - फिर ननद ने दी भाभी कविता की मौत की खबर फरियादी के अनुसार 1 मई तक मदद के नाम पर पैसे मांगना जारी रहा। इसके अगले दिन 2 मई को कविता के मोबाइल नंबर से अन्य महिला का फोन आया। उसने खुद को कविता शर्मा की ननद बताते हुए कहा कि कविता शर्मा की मौत हो गई है, और अब उनसे कोई संपर्क न करें। यह सुनकर संजय गुलाटी के पैरो के नीचे जमीन निकल गई। उन्होंने मैरिज ब्यूरो संचालिका सहित सभी नबंरो पर दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन सभी मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद उन्हें अहसास हुआ कि वे सायबर ठग गिरोह के जाल में फंसे हुए थे। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबरों और जिन खातो में रकम ट्रांसफर की गई है, उन वाले खाता धारको के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जुनेद / 8 जून