क्षेत्रीय
08-Jun-2026
...


- अतिक्रमणकारियों के लिए आठ माह की मोहलत की मांग को लेकर किया गया प्रदर्शन बालाघाट (ईएमएस). शहर के दूध डेयरी के सामने निवासरत झुग्गीवासियों ने मकान हटाने की समयसीमा बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर सांकेतिक ताला बंद आंदोलन किया। आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयुक्त सचिव मनोज पमनानी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में आठ माह की मोहलत देने और दंडात्मक नोटिस वापस लेने की मांग उठाई गई। शहर के दूध डेयरी के सामने वर्षों से रह रहे झुग्गीवासियों ने सोमवार को प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर सांकेतिक ताला बंद कर प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयुक्त सचिव मनोज पमनानी ने किया। आंदोलन की सूचना मिलने पर एसडीएम मौके पर पहुंचे और आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि तथा झुग्गीवासियों से चर्चा की। इस दौरान आप नेता की एसडीएम से तीखी बहस भी हुई। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर गेट का ताला खोल दिया और आगे की बातचीत के लिए कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि मकान हटाने के लिए दी गई समयावधि को बढ़ाकर कम से कम आठ माह किया जाए तथा झुग्गीवासियों को जारी किए गए दंडात्मक नोटिसों को वापस लिया जाए। आप नेता मनोज पमनानी ने कहा कि यह आंदोलन किसी सरकारी भूमि या विकास कार्य के विरोध में नहीं है, बल्कि उन परिवारों के हित में है जो वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए, ताकि उनका विस्थापन सम्मानजनक तरीके से हो सके। उन्होंने प्रशासन को यह आश्वासन भी दिया कि रहवासी तय समय के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था कर लेंगे। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों को यह भरोसा दिलाया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। इससे फिलहाल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगने के संकेत मिल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जिस नजूल भूमि पर झुग्गी परिवार निवास कर रहे हैं, वहां नए तहसील भवन की बाउंड्रीवाल और मुख्य द्वार का निर्माण प्रस्तावित है। इसी कारण प्रशासन भूमि खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और नगरपालिका द्वारा आवास मेले का आयोजन भी किया गया था। वहीं झुग्गीवासियों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है, जिसके कारण वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने में सक्षम नहीं हैं। फिलहाल अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं। भानेश साकुरे / 08 जून 2026