राष्ट्रीय
10-Jun-2026


मुंबई,(ईएमएस)। महाराष्ट्र के लातूर जिले में 89 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपने पोते और परपोते के खिलाफ कानूनी लड़ाई जीतकर साढ़े सात एकड़ कृषि भूमि वापस हासिल कर ली है। महिला ने आरोप लगाया था कि जमीन अपने नाम कराने के बाद दोनों ने उनकी देखभाल और भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभाने से इनकार कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार करसा गांव निवासी हौसाबाई लहाड़े ने अपनी लगभग तीन हेक्टेयर जमीन रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड के माध्यम से अपने परिजनों को हस्तांतरित की थी। बदले में उनसे जीवनभर देखभाल का वादा किया गया था। लेकिन जमीन मिलने के बाद दोनों ने बुजुर्ग महिला को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। इसके बाद हौसाबाई ने ‘माता-पिता तथा वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007’ के तहत सीनियर सिटिजन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की। सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने गिफ्ट डीड रद्द कर दी और जमीन का स्वामित्व फिर से महिला को सौंपने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि विवादित अवधि के दौरान जमीन से प्राप्त सरकारी लाभ और सब्सिडी की राशि ब्याज सहित वापस की जाए। इस फैसले को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। हिदायत/ईएमएस 10जून26