नई दिल्ली (ईएमएस)। 2019 में जिस अर्पित होटल में आग से 17 लोगों की मौत हुई थी, उस जोन के डिप्टी हेल्थ अफसर (डीएचओ) भी यही थी, जो मालवीय नगर होटल हादसे वाले एरिया के डीएचओ है। उस हादसे में पहले चरण में एमसीडी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट और इंजीनियरिंग विभाग के 93 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की लिस्ट बनाई गई, लेकिन 17 लोगों के खिलाफ ही चार्जशीट दायर की गई। इनमें से 10 लोग पब्लिक हेल्प विभाग और 7 इंजीनियरिंग डिपार्टमेंड के थे, पर किसी के खिलाफ एक्शन नहीं हुआ। मालवीय नगर हादसे में अब तक न तो दिल्ली टूरिज्म और न ही एमसीडी अधिकारियों में से किसी के खिलाफ एक्शन हुआ है। पहले की तरह ही लीपापोती जारी है। फरवरी, 2019 में अर्पित होटल अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार और एमसीडी ने यह तय किया कि जितने भी गेस्ट हाउस है, सभी को फायर एनओसी लेना जरूरी होगा। बिल्डिंग चाहे 12 मीटर से कम ऊंची हो या फिर 12 मीटर से अधिक। एमसीडी ने फायर डिपार्टमेंट के नियमों में बदलाव कर गेस्ट हाउस 12 मीटर या इससे कम ऊंचे गेस्ट हाउस को फायर एनओसी जारी करने के लिए भी कहा, लेकिन फायर डिपार्टमेंट ने साफ मना कर दिया। अग्निकांड के बाद विजिलेंस जांच के आधार पर पब्लिक हेल्थ विभाग और इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी। जिन अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई, उनमें डीएचओ हेल्थ इंस्पेक्टर, असिस्टेंट हेल्थ इस्पेक्टर, एडिशनल म्युनिंसिपल हेल्थ अफसर और हेड क्वॉर्टर में तैनात हेड म्युनिंसिपल हेल्थ अफसर शामिल थे। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/10/ जून /2026