क्षेत्रीय
10-Jun-2026
...


- सिलवानी में वेयरहाउस मूंग घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग, पौधारोपण अभियान में भ्रष्टाचार के आरोप रायसेन(ईएमएस)। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने कहा है कि प्रदेश सरकार महिलाओं को वास्तविक रूप से सशक्त बनाने के लिए विशेष योजना तैयार करे और उन्हें सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक अधिकारों में बराबरी का अवसर प्रदान करे। उन्होंने यह बात मंगलवार को दोपहर रायसेन के होटल अमोघ में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल, डॉ जीसी गौतम, प्रभात चावला,महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवित्रा कौर, चंदा चौहान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज अग्रवाल तथा मीडिया प्रभारी जावेद अहमद खान सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। पत्रकार वार्ता में रीना बौरासी सेतिया ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अनुसूचित जनजाति वर्ग की परंपराओं और रीति-रिवाजों को समाप्त करने की आशंका को लेकर प्रदेश सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूसीसी के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति प्रदेशभर में सुझाव ले रही है।लेकिन सरकार यह स्पष्ट नहीं कर रही कि आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था और सामाजिक मान्यताओं का भविष्य क्या होगा। इससे समाज में भ्रम और आशंकाएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने सिलवानी स्थित सरकारी वेयरहाउस में सामने आए कथित 800 क्विंटल मूंग घोटाले का मुद्दा भी उठाया। रीना बौरासी ने आरोप लगाया कि करीब 80 लाख रुपए के इस मामले में भ्रष्टाचार उजागर होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने में विफल रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जानी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष बौरासी ने पौधारोपण अभियान को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पौधारोपण अभियान अब जनभागीदारी की जगह भ्रष्टाचार का माध्यम बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर कागजों में पौधे लगाए गए लेकिन जमीन पर उनका अस्तित्व दिखाई नहीं देता। सिलवानी की पश्चिम वन परिक्षेत्र में लगाए गए बांस के पौधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकांश पौधे विकसित नहीं हो सके हैं, इसलिए पूरे मामले की जांच आवश्यक है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी समान काम के बदले समान वेतन की मांग कर रहे हैं।लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। महिलाओं के राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों पर बात करते हुए रीना बौरासी सेतिया ने कहा कि देश की आधी आबादी को केवल आरक्षण नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने के अधिकारों में भी समान भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने की दिशा में कांग्रेस ने सबसे पहले पहल की थी और अब केंद्र तथा राज्य सरकारों को महिलाओं के सर्वांगीण सशक्तिकरण के लिए ठोस योजनाएं बनानी चाहिए। उनके अनुसार महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाए बिना वास्तविक सामाजिक विकास संभव नहीं है। किशोर वर्मा/ईएमएस/10 /06 /26