- आज निकलेगी सिद्धचक्र महामंडल विधान की मंगल कलश घटयात्रा ग्वालियर ( ईएमएस ) | धर्म संस्कार जन्म जन्मांतर तक हमें सहारा देते हैं। भावों की विशुद्धि विचारों की पवित्रता ही धर्म का मूल है, ये अनुष्ठान हमें सरल तथा पावन बनने का संदेश देते हैं। सिद्ध प्रभु की आराधना का अभूतपूर्व अवसर सिद्धचक्र विधान के माध्यम से मिलेगा। विधान करने से सभी रोगों का नाश हो जाता है समस्त मनोकामना पूर्ण होती है। यह विचार मुनिश्री विध्रुव सागर महाराज ने डीडी नगर स्थित जैन मंदिर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुनिश्री के चरणों में श्रीफल भेट विधान के मुख्य संयोजक बाबूलाल जैन, सह संयोजक डॉ योगेश जैन विपुल जैन रजनीश जैन ओर पवन जैन के साथ समाजजनों समर्पित कर आशीर्वाद लिया। *आज निकलेगी गाजे बाजे के साथ घटयात्रा, होगा सिद्धचक्र महामंडल विधान शुरू* जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि 11 जून को प्रातः 7 बजे से दिगंबर महावीर जैन मंदिर से गाजे बाजे के साथ मंगल कलश यात्रा शुरू होकर मुख्य मार्गो से होती हुई वापस कार्यक्रम स्थल जैन मंदिर पहुंचेगी। जहां प्रात 8 : 00 बजे से ध्वाजारोहण कर शुभारंभ किया जाएगा। वही आचार्य निमंत्रण, इंद्र व मंडप प्रतिष्ठा, मंगल कलश स्थापन के साथ भगवान का अभिषेक, शांतिधारा के बाद मुनिश्री के प्रवचनों के बाद सिद्धचक्र महामंडल विधान में महाअर्घ्य समर्पित करेंगे। वही शाम 7 बजे से भगवान जिनेंद्र की दीपो से महाआरती, शास्त्र प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगे।