रोम(ईएमएस)। भूमध्य सागर की असीम गहराइयों में काम कर रहे एक गोताखोर के लिए हाल ही में एक ऐसा पल आया, जो किसी रोमांचक फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। समुद्र की सतह से करीब 132 फीट से अधिक की गहराई पर एक डूबे हुए जहाज के मलबे के पास, पुराने और लावारिस पड़े मछली पकड़ने के जालों को हटाते समय एक गोताखोर का सामना अचानक दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री जीवों में से एक, विशाल ग्रेट वाइट शार्क से हो गया। यह अविश्वसनीय घटना तब हुई जब डच गोताखोर डर्क रेमर्स अपने साथी के साथ समुद्र में छोड़े गए पुराने और खतरनाक घोस्ट नेट्स (भूतिया जालों) को साफ करने के एक विशेष मिशन पर थे। ये लावारिस जाल अक्सर समुद्री जीवों के लिए जानलेवा साबित होते हैं और रेमर्स की टीम इन्हें हटाकर समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने का काम करती है। मई महीने के दौरान जब यह टीम गहरे पानी में मलबे की सफाई कर रही थी, तभी अचानक विशालकाय शार्क उनके बिल्कुल करीब आ गई। इस अप्रत्याशित दृश्य को देखकर कुछ पलों के लिए गोताखोर पूरी तरह हैरान रह गए। रेमर्स ने बाद में अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उस नाजुक वक्त में उनके दिमाग का एक हिस्सा कह रहा था कि इंसान आमतौर पर शार्क का शिकार नहीं बनते, लेकिन दूसरा हिस्सा बस यही दुआ कर रहा था कि शार्क को भी यह बात अच्छी तरह पता हो। हालात की गंभीरता और इस दुर्लभ पल के महत्व को समझते हुए रेमर्स ने तुरंत अपना वाटरप्रूफ कैमरा चालू कर दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि यदि उन्होंने इसका वीडियो रिकॉर्ड नहीं किया, तो शायद बाहर आकर कोई भी उनकी इस हैरतअंगेज बात पर यकीन नहीं करेगा। खुशकिस्मती से कैमरे ने सही समय पर काम किया और यह ऐतिहासिक मुलाकात रिकॉर्ड हो गई। यह पूरा अभियान समुद्री संरक्षण के लिए काम करने वाली वैश्विक संस्थाओं हेल्दी सीज़ और घोस्ट डाइविंग फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य डूबे हुए जहाजों के आसपास फैले कचरे को साफ करना और समुद्री जैव विविधता की कड़ाई से निगरानी करना है। समुद्री विशेषज्ञों के अनुसार, भूमध्य सागर में ग्रेट वाइट शार्क का दिखना अब बेहद दुर्लभ हो चुका है। अत्यधिक व्यावसायिक मछली पकड़ने, बढ़ते समुद्री प्रदूषण और तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन के कारण पिछले कुछ दशकों में इनकी आबादी में भारी गिरावट आई है। वीरेंद्र/ईएमएस 11 जून 2026