- ग्रामीणों संग साझा की आत्मनिर्भर गांव के विकास की रूपरेखा गुना (ईएमएस)। गांवों को आत्मनिर्भर बनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने बुधवार रात्रि बमोरी विकासखंड के ग्राम डोंगरपुर में आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। चौपाल में ग्रामीणों ने गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर साफा बांधकर कलेक्टर का स्वागत किया। महिलाओं की सफलता की कहानियां बनीं प्रेरणा का स्रोत रात्रि चौपाल का सबसे प्रेरक पक्ष स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा साझा किए गए अनुभव रहे। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने सीमित संसाधनों और छोटी शुरुआत से अपने कार्य प्रारंभ किए और आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से लाखों रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। महिलाओं की इन सफलताओं को कलेक्टर ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी मॉडल बताते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया। प्राकृतिक खेती को बताया स्वस्थ भविष्य का आधार किसानों को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री कन्याल ने प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने किसानों से ऐसी खेती करने का आग्रह किया जिससे सुरक्षित एवं स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद प्राप्त हों तथा कृषि की दीर्घकालिक उत्पादकता बनी रहे। नशामुक्ति का लिया सामूहिक संकल्प चौपाल के दौरान ग्रामीणों को नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया गया। कलेक्टर ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए हानिकारक है। इससे आर्थिक नुकसान, पारिवारिक विघटन तथा कार्यक्षमता में कमी आती है। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नशा न करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। युवाओं को गांव में रहकर रोजगार सृजन का संदेश युवाओं से संवाद करते हुए कलेक्टर ने कहा कि रोजगार के लिए केवल शहरों की ओर पलायन ही एकमात्र विकल्प नहीं है। उन्होंने आईटीआई, कौशल विकास प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से गांवों में ही स्वरोजगार एवं रोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। विभागों ने दी योजनाओं और नवाचारों की जानकारी चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र की योजनाओं एवं तकनीकी नवाचारों की जानकारी दी गई। कृषि विभाग ने ड्रिप सिंचाई एवं उन्नत कृषि पद्धतियों पर मार्गदर्शन दिया। उद्यानिकी विभाग ने आधुनिक बागवानी और उच्च उत्पादकता वाली फसलों की जानकारी साझा की। स्वास्थ्य विभाग ने जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया, जबकि कौशल विकास विभाग ने प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों से ग्रामीणों को अवगत कराया। स्थानीय प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कृषि नवाचारों के लाभ बताए। नन्हे हाथों को मिले रंग, रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े बच्चे रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों से संवाद एवं विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित छोटे बच्चों को रंग (कलर) वितरित किए गए, ताकि वे अपनी कल्पनाओं, विचारों और सपनों को रंगों के माध्यम से कागज़ पर साकार कर सकें तथा रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ सकें। इसके साथ ही बच्चों को खाद्य सामग्री भी वितरित की गई। रंग और खाद्य सामग्री पाकर बच्चों में विशेष उत्साह एवं प्रसन्नता देखने को मिली। ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को दिए समाधान के निर्देश रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांव की विभिन्न समस्याओं और आवश्यकताओं से प्रशासन को अवगत कराया। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई एवं त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। चौपाल में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे,एसडीएम श्रीमती शिवानी पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे। - सीताराम नाटानी