क्षेत्रीय
11-Jun-2026
...


- एक्सपेंशन जॉइंट में 90 मिमी गैप मिलने से बढ़ी चिंता, जांच के आदेश भागलपुर, (ईएमएस)। बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु को लेकर एक बार फिर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई हैं। सेतु के बिजली पोल संख्या 121 और 122 के बीच स्थित एक्सपेंशन जॉइंट में सामान्य से अधिक गैप पाए जाने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रारंभिक जांच में जॉइंट का गैप लगभग 90 मिलीमीटर पाया गया है, जबकि सामान्य स्थिति में यह करीब 40 मिलीमीटर होना चाहिए। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2022 में भी विक्रमशिला सेतु के 7 और 8 नंबर पिलर के बीच इसी तरह गैप बढ़ने की समस्या सामने आई थी। उस समय शुरुआती चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया गया था और बाद में पुल का एक स्पैन ध्वस्त हो गया था। अब वैसी ही स्थिति दोबारा उभरती दिखाई दे रही है। प्रभावित एक्सपेंशन जॉइंट से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। बढ़ते गैप को देखते हुए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अधिकारी और कर्मचारी फिलहाल जॉइंट के ऊपर लोहे की मोटी चादर लगाकर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि जल्द ही वहां रबर कवर लगाया जाएगा। गौरतलब है कि 2022 में स्पैन गिरने से पहले भी अधिकारियों ने पुल को पूरी तरह सुरक्षित बताया था। वर्तमान में क्षतिग्रस्त हिस्सों सहित चार स्थानों पर बेली ब्रिज बनाकर यातायात संचालित किया जा रहा है। ऐसे में पांचवें स्थान पर सामने आई नई समस्या ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की तकनीकी टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। जांच में करीब 90 मिमी का गैप पाया गया है, जो तकनीकी रूप से सामान्य नहीं माना जाता। विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है और पटना मुख्यालय के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। मुख्य अभियंता संजय भारती ने कहा कि एक्सपेंशन जॉइंट की जांच के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि तस्वीरों में दिखाई दे रही स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। अंतिम निर्णय तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा। संतोष झा- ११ जून/२०२६/ईएमएस भागलपुर, (ईएमएस)। बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु को लेकर एक बार फिर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई हैं। सेतु के बिजली पोल संख्या 121 और 122 के बीच स्थित एक्सपेंशन जॉइंट में सामान्य से अधिक गैप पाए जाने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रारंभिक जांच में जॉइंट का गैप लगभग 90 मिलीमीटर पाया गया है, जबकि सामान्य स्थिति में यह करीब 40 मिलीमीटर होना चाहिए। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2022 में भी विक्रमशिला सेतु के 7 और 8 नंबर पिलर के बीच इसी तरह गैप बढ़ने की समस्या सामने आई थी। उस समय शुरुआती चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया गया था और बाद में पुल का एक स्पैन ध्वस्त हो गया था। अब वैसी ही स्थिति दोबारा उभरती दिखाई दे रही है। प्रभावित एक्सपेंशन जॉइंट से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। बढ़ते गैप को देखते हुए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अधिकारी और कर्मचारी फिलहाल जॉइंट के ऊपर लोहे की मोटी चादर लगाकर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि जल्द ही वहां रबर कवर लगाया जाएगा। गौरतलब है कि 2022 में स्पैन गिरने से पहले भी अधिकारियों ने पुल को पूरी तरह सुरक्षित बताया था। वर्तमान में क्षतिग्रस्त हिस्सों सहित चार स्थानों पर बेली ब्रिज बनाकर यातायात संचालित किया जा रहा है। ऐसे में पांचवें स्थान पर सामने आई नई समस्या ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की तकनीकी टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। जांच में करीब 90 मिमी का गैप पाया गया है, जो तकनीकी रूप से सामान्य नहीं माना जाता। विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है और पटना मुख्यालय के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। मुख्य अभियंता संजय भारती ने कहा कि एक्सपेंशन जॉइंट की जांच के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि तस्वीरों में दिखाई दे रही स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। अंतिम निर्णय तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा। संतोष झा- ११ जून/२०२६/ईएमएस