- जांच टीम ने शुरू की पड़ताल सक्ती (ईएमएस)। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों को लेकर बाराद्वार नगर पंचायत में बड़ा विवाद सामने आया है। शासकीय भूमि के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कर पात्रता तैयार किए जाने के आरोपों के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत मिलने के बाद जिला स्तर पर गठित टीम दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों की बारीकी से जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक बाराद्वार नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 288 आवासों की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। आरोप है कि इनमें बड़ी संख्या में ऐसे आवास शामिल हैं, जिन्हें आबादी भूमि के नाम पर स्वीकृति दिलाने की कोशिश की गई, जबकि संबंधित जमीन का स्वरूप राजस्व रिकॉर्ड में अलग बताया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कुछ मामलों में भूमि के वर्गीकरण को लेकर गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। नगर पंचायत के नेता प्रतिपक्ष अभिषेक राय ने आरोप लगाया है कि शासकीय भूमि से जुड़े अभिलेखों में बदलाव कर योजना का लाभ दिलाने की कोशिश की गई। उन्होंने प्रशासन को दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष नारायण कुर्रे ने कहा कि जिन स्थानों पर आवास प्रस्तावित हैं, वहां कई परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि संबंधी मामलों की व्यापक जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि शिकायत नहीं होती तो विवादित भूमि से जुड़े प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई हो सकती थी। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रकरण की जांच जिला प्रशासन के स्तर पर कराई जा रही है। चूंकि मामला राजस्व अभिलेखों से जुड़ा हुआ है, इसलिए जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े इस विवाद ने प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। - (ईएमएस) 11 जून 2026