क्षेत्रीय
11-Jun-2026
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- 12 से 21 जून तक अलग-अलग इलाकों में 24 घंटे पानी सप्लाई बंद कल्याण, (ईएमएस)। संभावित जल संकट को देखते हुए कल्याण-डोंबिवली के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस वर्ष अल नीनो और इंडियन ओशन डाइपोल के प्रभाव के कारण मानसून में देरी और बारिश कम होने की आशंका जताई है। इसी के मद्देनजर जल संसाधन विभाग ने राज्य की सभी महानगरपालिकाओं और संबंधित प्राधिकरणों को प्रतिदिन 20 प्रतिशत पानी की कटौती करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बाद कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) ने बारवे, मोहिली और नेतिवली जलशुद्धीकरण केंद्रों से होने वाली जलापूर्ति को चरणबद्ध तरीके से बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके चलते शहर और आसपास के कई इलाकों में 24 घंटे तक पानी की आपूर्ति प्रभावित रहेगी। * किन तारीखों को कहां रहेगा पानी बंद? - 12 जून और 17 जून नेतिवली जलशुद्धीकरण केंद्र से जलापूर्ति होने वाले डोंबिवली (पूर्व) के फ और ग प्रभाग में 24 घंटे पानी की सप्लाई बंद रहेगी। - 13 जून और 18 जून बारवे जलशुद्धीकरण केंद्र से जलापूर्ति होने वाले कल्याण (पूर्व) के ड और जे प्रभाग, साथ ही कल्याण (पश्चिम) के गोदरेज हिल, पारनाका और सुभाष मैदान क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नहीं होगी। - 14 जून और 19 जून डोंबिवली (पश्चिम) के ह प्रभाग में 24 घंटे पानी की सप्लाई बंद रहेगी। - 15 जून और 20 जून कल्याण (पश्चिम) के ब और क प्रभाग के नागरिकों को पानी कटौती का सामना करना पड़ेगा। - 16 जून और 21 जून मोहिली जलशुद्धीकरण केंद्र से जुड़े मांडा-टिटवाला, वडवली, आंबिवली, शहाड, अटाली, कल्याण ग्रामीण क्षेत्र के गांव, योगिधाम, मिलिंद नगर, बिर्ला कॉलेज परिसर, चिकनघर, मुरबाड रोड और वालधुनी क्षेत्रों में 24 घंटे पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। - नागरिकों से प्रशासन की अपील केडीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से आवश्यक मात्रा में ही पानी संग्रह करने और उसका सावधानीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति रात 12 बजे से अगले 24 घंटे तक पूरी तरह बंद रहेगी, इसलिए लोगों को पहले से योजना बनाकर पानी का भंडारण करना चाहिए। - मानसून की देरी बनी चिंता का कारण हालांकि मानसून कोंकण क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है, लेकिन मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में इसके पूरी तरह पहुंचने में अभी समय लग सकता है। ऐसे में जलाशयों पर बढ़ते दबाव और संभावित कम वर्षा को देखते हुए यह पानी कटौती भविष्य में और भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। प्रशासन का कहना है कि आगे की स्थिति मानसून की प्रगति और जलाशयों में उपलब्ध जल भंडार पर निर्भर करेगी। - ११ जून/२०२६/ईएमएस