क्षेत्रीय
11-Jun-2026
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- वार्ड 2 और 5 में बढ़ा खतरा, बीएसपी ने लगवाई फ्लड लाइटें बालोद (ईएमएस)। लौह अयस्क नगरी दल्ली-राजहरा में जंगली भालुओं की लगातार आवाजाही से स्थानीय नागरिक दहशत के माहौल में जीने को मजबूर हैं। पिछले कई हफ्तों से शहर के जंगल से सटे वार्ड क्रमांक 2 और 5 में शाम ढलते ही भालुओं के घुस आने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की रातों की नींद उड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल क्षेत्र से लगे होने के कारण इन दोनों वार्डों में अंधेरा होते ही जंगली भालू भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे कभी भी पैदल चलने वाले लोगों, रात में सफर करने वालों और पालतू मवेशियों पर हमला कर सकते हैं, जिससे गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस समस्या की शिकायत कई बार वन विभाग और बीएसपी प्रबंधन से की गई, लेकिन लोगों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय नागरिकों में इसको लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, बीएसपी प्रबंधन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास किए हैं। प्रबंधन ने वार्ड 2 और 5 के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर कुल 10 उच्च गुणवत्ता वाली फ्लड लाइटें लगवाई हैं, ताकि अंधेरा कम हो और भालुओं की आवाजाही पर नियंत्रण रखा जा सके। बीएसपी इलेक्ट्रिकल विभाग के सहायक महाप्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि फ्लड लाइटें 256 दफाई चौक, माइंस क्षेत्र के प्रवेश द्वार, शिकारी बाबा मंदिर परिसर, शीतला माता मंदिर के आसपास, शंकर तालाब, चट्टा दफाई, पंडर दल्ली पंप हाउस और आसपास की बस्तियों को ध्यान में रखते हुए लगाई गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन तेज रोशनी वाली फ्लड लाइटों से अंधेरे में भालुओं की आवाजाही कम होगी और मानव बस्तियों में उनकी घुसपैठ पर कुछ हद तक रोक लगेगी। हालांकि स्थानीय लोग अब भी वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल रोशनी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, बल्कि भालुओं को सुरक्षित रूप से जंगल क्षेत्र में वापस भेजने और नियमित निगरानी की आवश्यकता है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। - (ईएमएस)11 जून 2026