क्षेत्रीय
11-Jun-2026
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कांकेर(ईएमएस)। जिले के चारामा ब्लॉक में गोंडवाना समाज समन्वय समिति और सर्व आदिवासी समाज द्वारा धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके संघर्ष, बलिदान और सामाजिक योगदान को याद किया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए और आयोजन को समाज की पहचान, सम्मान और एकता के प्रति समर्पित बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर गोंडवाना समाज समन्वय समिति और सर्व आदिवासी समाज की ओर से ‘वनवासी’ शब्द के प्रयोग पर कड़ी आपत्ति भी जताई गई। समाज के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में राष्ट्रपति, राज्यपाल, सांसदों और विधायकों के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि आदिवासी समुदाय की अपनी विशिष्ट संस्कृति, परंपरा, भाषा और ऐतिहासिक पहचान है। भारतीय संविधान में भी उन्हें अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है। ऐसे में उनके लिए ‘आदिवासी’ या ‘अनुसूचित जनजाति’ शब्द का ही प्रयोग किया जाना चाहिए, जो उनकी वास्तविक पहचान को दर्शाता है। समाज के पदाधिकारियों ने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों, संस्थानों और जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं कि आदिवासी समुदाय के लिए संवैधानिक रूप से मान्य शब्दावली का ही उपयोग किया जाए। प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मांग पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक है और इसका उद्देश्य किसी विवाद को जन्म देना नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना है। ईएमएस(राकेश गुप्ता)11 जून 2026