सरकार अलर्ट,जांच के दायरे में आए प्रदेश के 731 पेट्रोल पंप भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की बिक्री में अप्रत्याशित और असामान्य बढ़ोतरी होने के बाद राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। भारत सरकार और तेल कंपनियों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर अकेले राजधानी भोपाल के 15 से अधिक पेट्रोल पंपों को जांच के दायरे में लिया गया है। इन चुनिंदा पंपों पर मई 2025 की तुलना में मई 2026 में डीजल की बिक्री में 95 से लेकर 1000 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, प्रदेश के 50 से अधिक जिलों के सैकड़ों पंपों पर भी 200 से 400 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी गई है। रिटेल पंपों से बल्क खरीद का शक स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर (ऑयल इंडस्ट्री) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस असामान्य उछाल की मुख्य वजह कीमतों में अंतर है। ऐसे बड़े और औद्योगिक उपभोक्ता जिन्हें रोजाना 200 लीटर से अधिक डीजल की आवश्यकता होती है, वे तेल कंपनियों से महंगी दरों पर टैंकर लेने के बजाय रिटेल पेट्रोल पंपों से सस्ता डीजल खरीद रहे हैं। इसके साथ ही, भविष्य में सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के चलते ईंधन की जमाखोरी भी की जा रही है। दोषियों पर दर्ज होगा मुकदमा पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल के निर्देश के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग हरकत में आया है। जिला कलेक्टरों को प्रमुख इंडस्ट्रियल और परिवहन कॉरिडोर वाले संवेदनशील इलाकों में विशेष चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य विभाग, राजस्व, नापतौल और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम इन चिन्हित पंपों का औचक निरीक्षण करेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पाए जाने पर सीधे केस दर्ज किया जाएगा। दूसरी ओर, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि डिमांड के मुताबिक बिक्री करना कोई अपराध नहीं है। विनोद/ 11 जून /2026