क्षेत्रीय
11-Jun-2026


रायपुर(ईएमएस)। राजधानी रायपुर के धरसींवा थाना क्षेत्र स्थित सिलयारी में 13 वर्षीय नाबालिग बालिका के कथित अपहरण और दुष्कर्म मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रकरण को औपचारिक रूप से दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने इस मामले को नाबालिगों की सुरक्षा, पुलिस जांच की पारदर्शिता और बाल अधिकारों के संरक्षण से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए विशेष निगरानी में लिया है। जानकारी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच के दौरान पीड़िता द्वारा किसी अपराध से इनकार किए जाने का हवाला देकर प्रकरण को बंद करने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और ऑडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। नए तथ्यों के सामने आने पर पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की, जिसके आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, मामले की जांच में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ‘बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005’ की धारा 13(1)(ज) और धारा 14 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) रायपुर को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने पीड़ित बालिका का बयान दर्ज कर विस्तृत प्रतिवेदन जल्द प्रस्तुत करने को कहा है। इसके अलावा आयोग ने पीड़िता और उसके अभिभावकों को 15 जून 2026 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित सुनवाई के दौरान मामले में की गई पुलिस जांच, बाल संरक्षण से जुड़े पहलुओं और कानूनी प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाएगी। आयोग यह भी जांच करेगा कि मामले में पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन सही तरीके से किया गया या नहीं। यह मामला सामने आने के बाद बाल सुरक्षा और संवेदनशील मामलों की जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। सत्यप्रकाश(ईएमएस)11 जून 2026