-रविवार को होते हैं लीग मैच, हर परिवार की होती है अपनी टीम, दादा-पोते खेलते हैं साथ मेक्सिको सिटी,(ईएमएस)। दुनिया भर में बड़े-बड़े फुटबॉल स्टेडियमों पर अरबों रुपए खर्च किए जाते हैं, जहां पर फिफा से जुड़े मैच के अलावा क्लबों के मैच भी खेले जाते हैं, लेकिन मेक्सिको का एक साधारण सा मिट्टी का मैदान दुनिया को हैरान कर रहा है। मेक्सिको सिटी के दक्षिण में एक बुझे हुए ज्वालामुखी के खोखले हिस्से के ठीक बीचों-बीच फुटबॉल मैदान है, जिसे फील्ड ऑफ द गॉड्स यानी देवताओं का मैदान कहा जाता है। हरी-भरी झाड़ियों और पहाड़ों से घिरा यह मैदान हर रविवार को गुलजार होता है, जब यहां ‘सांता सेसिलिया टेपेटलापा’ कस्बे की एक लोकल लीग के मैच खेला जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मैदान पर टेओका एमेच्योर लीग का आयोजन होता है, जिसमें कुल 10 टीमें खेलती हैं। इस लीग की सबसे खास बात यह है कि यहां खेलने वाली हर एक टीम इस कस्बे के एक ही परिवार के लोगों की होती है। मैच खेलने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं है, यही वजह है कि यहां 15 साल के लड़कों को अपने ही परिवार के 65 साल के बुजुर्गों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर गेंद के पीछे भागते हैं यानी दादा-पोते सब एक साथ खेलते हैं। इस खेल में महिलाएं खुद मैदान पर नहीं उतरतीं, लेकिन हर रविवार को भारी संख्या में बाउंड्री के बाहर खड़े होकर अपनी पारिवारिक टीमों के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाती हैं। इस अनोखे मैदान को बनाने की कहानी दिलचस्प है। दरअसल, यह पूरा कस्बा बेहद संकरी और ढलान वाली खड़ी पहाड़ियों के बीच बसा है, जहां खेल का मैदान बनाने के लिए कोई समतल जमीन ही नहीं थी। गांव वालों ने इस बुझे हुए ज्वालामुखी के गड्ढे का रुख किया, क्योंकि इसके अंदर की सतह सबसे सीधी और प्लेन थी। भले ही यह धूल और मिट्टी से भरा मैदान है, लेकिन इसका रखरखाव पूरे गांव के लिए इज्जत का सवाल है। गांव के लोग बारी-बारी से इस मैदान की सफाई और मरम्मत करते हैं। वे हर काम अपनी जेब से चंदा इकट्ठा करके करते हैं और सरकारी मदद नहीं लेते हैं। सरकारी पैसा न लेने के पीछे गांव वालों की अपनी एक दलील दी। लोगों का कहना है कि हम इस मैदान की देखभाल अपनी तरफ से सबसे बेहतर तरीके से करते हैं और हमारी लीग पूरी तरह खुद के नियमों पर चलती है। हम सरकार या नगर पालिका से कोई मदद इसलिए नहीं मांगते, क्योंकि अगर सरकार ने इस मैदान पर एक रुपया भी खर्च किया, तो वे इस पर अपना बोर्ड लगा देंगे और मालिकाना हक जताएंगे। यह पहाड़ी और यह मैदान पूरे गांव की सामूहिक संपत्ति है, यह हमारी है और हम इसे खुद संभालेंगे। सरकार को दूर रखकर ही हम इस खेल के मैदान को अपने बच्चों के लिए बचा सकते हैं। सिराज/ईएमएस 12 जून 2026