ईरान से तनाव के बीच उठ रहीं तरह-तरह की आशंकाएं वॉशिंगटन,(ईएमएस)। ईरान के साथ जारी भारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन में गुरुवार को अचानक सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया। सुरक्षा प्रणालियों द्वारा परिसर में किसी संभावित खतरे का संकेत मिलने के तुरंत बाद एहतियाती कदम उठाते हुए इमारत के कई हिस्सों को खाली करा लिया गया और कुछ मंजिलों को पूरी तरह सील कर दिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, आंतरिक निगरानी प्रणालियों ने समस्या को समय रहते पकड़ लिया, जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किए गए और खतरनाक पदार्थों से निपटने वाली विशेष टीमों को मौके पर रवाना किया गया। पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इस सुरक्षा अलर्ट की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यालय की निगरानी प्रणालियों ने एक ऐसी समस्या का संकेत दिया था, जिसके लिए तुरंत सुरक्षा कदम उठाना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में शेल्टर इन प्लेस समेत सभी मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया जा रहा है और बचाव दल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए परिसर में तैनात हैं। कर्मचारियों को भेजे गए एक सुरक्षा संदेश में स्पष्ट किया गया कि इमारत की वायु गुणवत्ता में कुछ समस्या का पता चला है, जिसकी सघन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने में एक से दो घंटे का समय लग सकता है। परिसर में कई सुरक्षा एजेंसियों के बचावकर्मी तैनात हैं, और कर्मचारियों से इसे एक सामान्य सुरक्षा अभ्यास की तरह लेने को कहा गया है। यह आपातकालीन घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि अमेरिका ईरान पर गुरुवार रात ही बड़ा हमला करने जा रहा है। इस संभावित हमले का उद्देश्य रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप समेत ईरान के तेल और गैस उद्योगों पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करना है। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाइयों का दौर जारी है। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में इस सप्ताह हुए लगातार तीन बड़े हमलों ने पूरे क्षेत्र को अस्थिरता की ओर धकेल दिया है। शुरुआत में ईरान और इजराइल के बीच सीधा संघर्ष हुआ, जिसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच दो दौर की भारी गोलाबारी हुई, जिसमें उन देशों को निशाना बनाया गया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/12जून2026