अंतर्राष्ट्रीय
12-Jun-2026
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सवाल: अब कौन संभालेगा राजगद्दी? बैंकॉक(ईएमएस)। थाईलैंड की भावी शासक और देश की सबसे लोकप्रिय शाही हस्तियों में से एक, राजकुमारी बज्रकितियाभा का निधन हो गया है। शाही परिवार ने शुक्रवार सुबह एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद समाचार की पुष्टि की है। राजा महा वजिरालॉन्गकॉर्न की सबसे बड़ी बेटी, जिन्हें देश की जनता प्यार से ‘प्रिंसेस भा’कहती थी, पिछले साढ़े तीन साल से लाइफ सपोर्ट सिस्टम के सहारे कोमा में थीं। उनके निधन की खबर आते ही पूरे थाईलैंड में शोक की लहर दौड़ गई है और देश का झंडा आधा झुका दिया गया है। शाही महल द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक, 47 वर्षीय राजकुमारी बज्रकितियाभा ने बैंकॉक के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले कुछ दिनों से उनकी चिकित्सकीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। डॉक्टरों की विशेष टीम ने जानकारी दी कि उनके पेट और आंतों में गंभीर इन्फेक्शन (संक्रमण) फैल गया था, जिसके कारण उनके कई अंदरूनी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों और जीवन रक्षक प्रणालियों के बावजूद स्थानीय समयानुसार गुरुवार रात उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।राजकुमारी के असामयिक निधन से थाईलैंड के राजघराने में उत्तराधिकार को लेकर एक बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। 73 वर्षीय राजा वजिरालॉन्गकॉर्न ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपने वारिस के नाम की घोषणा नहीं की है। प्रिंसेस भा को ही देश के सिंहासन का सबसे योग्य और स्वाभाविक दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि साल 1974 में हुए संविधान संशोधन के बाद थाईलैंड में महिला उत्तराधिकारी का रास्ता साफ हो गया था। अब उनकी अनुपस्थिति में सिंहासन के सबसे अहम दावेदार 21 वर्षीय प्रिंस दिपंगकोर्न बचे हैं, जो राजा की तीसरी पत्नी के इकलौते बेटे और वर्तमान में एकमात्र वैध पुरुष उत्तराधिकारी हैं। हालांकि, उनकी कम उम्र के कारण राज्य की कमान संभालने की क्षमताओं पर सवाल उठ रहे हैं। राजा के दूसरी शादी से हुए चार अन्य बेटे भी हैं, लेकिन उन्हें साल 1996 में ही राजघराने से बेदखल कर दिया गया था और वे अपनी मां के साथ अमेरिका में रह रहे हैं, जिससे उनका शाही हक पूरी तरह खत्म हो चुका है। ऐसे में प्रिंसेस भा का जाना थाईलैंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अचानक बेहोश होकर गिर गई थीं भा राजकुमारी बज्रकितियाभा के कोमा में जाने की घटना दिसंबर 2022 की है। वे बैंकॉक में अपने पालतू कुत्तों को वॉक कराने के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर गई थीं। चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि दिल में माइकोप्लाज्मा इन्फेक्शन के कारण अचानक उनके दिल की धड़कनें पूरी तरह अनियमित हो गई थीं। इस वजह से उनके दिमाग तक ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई और वे गहरे कोमा में चली गईं। तब से उन्हें पूरी तरह मशीनों के सहारे ही जीवित रखा गया था।7 दिसंबर 1978 को जन्मीं प्रिंसेज भा राजा वजिरालॉन्गकॉर्न की पहली पत्नी सोअमसावली की संतान थीं और अपने पिता की सात संतानों में सबसे बड़ी थीं। वे बेहद मेधावी और काबिल कानूनविद थीं। उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से कानून में एलएलएम और डॉक्टरेट की मानद डिग्रियां हासिल की थीं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में थाई मिशन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए और वर्ष 2012 से 2014 तक ऑस्ट्रिया में थाईलैंड की राजदूत के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा उन्होंने महिला कैदियों की स्थिति सुधारने और कड़े ड्रग्स कानूनों में मानवीय सुधारों की पुरजोर वकालत की। साल 2021 में उनके पिता ने उन्हें अपनी पर्सनल बॉडीगार्ड विंग का चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त करते हुए जनरल की रैंक से नवाजा था। वीरेंद्र/ईएमएस/12जून2026