राज्य
12-Jun-2026


- मीडिया में बयान देना पड़ा भारी - अंसिबा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी कोच्चि (ईएमएस)। मलयालम फिल्म कलाकारों के प्रमुख संगठन एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (एएमएमए ) ने अभिनेत्री और पूर्व कार्यकारिणी सदस्य अंसिबा हसन को मीडिया और सोशल मीडिया पर संगठन के खिलाफ बयानबाजी करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एएमएमए नेतृत्व द्वारा जारी इस कड़े शब्दों वाले नोटिस में अंसिबा पर संगठन की छवि को जानबूझकर धूमिल करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। संगठन ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक मंचों पर ले जाना उनकी आचार संहिता (कोड ऑफ कंडक्ट) का खुला उल्लंघन है। संगठन के मुताबिक, इन मुद्दों का समाधान अंदरूनी बातचीत के जरिए आसानी से निकाला जा सकता था। नोटिस में अंसिबा हसन को आगामी 17 जून तक अपना लिखित स्पष्टीकरण दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही संगठन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो उनके खिलाफ प्राथमिक सदस्यता से निष्कासन जैसी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। एएमएमए के एक सदस्य ने बताया कि कार्यकारिणी की पिछली बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए फैसले के आधार पर ही यह नोटिस जारी किया गया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अंसिबा हसन ने संगठन की कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर अभिनेता और कार्यकारिणी सदस्य टिनी टॉम पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। अंसिबा का दावा था कि टिनी टॉम ने संगठन के भीतर ऐसा विषाक्त (टॉक्सिक) माहौल बनाया, जिसके कारण उन्हें मजबूरन अपना पद छोड़ना पड़ा। अंसिबा ने टिनी टॉम पर चरित्र हनन करने, व्यक्तिगत हमले करने और कथित रूप से सांप्रदायिक (धार्मिक) टिप्पणियां करने के भी आरोप लगाए। उनके अनुसार, यह पूरा विवाद एएमएमए के एक कार्यक्रम को किसी धार्मिक संस्था द्वारा प्रायोजित (स्पॉन्सर) किए जाने के विरोध के बाद शुरू हुआ था। फिलहाल, एएमएमए का शीर्ष नेतृत्व अंसिबा हसन के जवाब का इंतजार कर रहा है और उनके स्पष्टीकरण के आधार पर ही अगली कार्रवाई तय की जाएगी। रामयश/ईएमएस 12 जून 2026