राज्य
12-Jun-2026


पटना, (ईएमएस)। पटना के निजी स्कूलों को अब अपनी शैक्षणिक और प्रशासनिक जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी निजी विद्यालयों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे 30 जून तक शिक्षा विभाग के पोर्टल और अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी अनिवार्य जानकारियां अपडेट करें। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्कूल अभिभावकों और छात्रों को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, कई निजी विद्यालयों की वेबसाइट पर शिक्षकों की संख्या, उनकी शैक्षणिक योग्यता, आधारभूत सुविधाएं, छात्र संख्या और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध नहीं हैं। इससे अभिभावकों को स्कूल की वास्तविक स्थिति जानने में कठिनाई होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सभी स्कूलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी वेबसाइट अपडेट करने का निर्देश दिया है। नए निर्देशों के तहत स्कूलों को अपने यहां कार्यरत शिक्षकों की कुल संख्या, उनकी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता, विद्यार्थियों की संख्या और प्रत्येक कक्षा में छात्र-शिक्षक अनुपात की जानकारी वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होगी। इसके अलावा शिक्षण शुल्क, विभिन्न मदों में लिए जाने वाले शुल्क और अन्य वित्तीय विवरण भी सार्वजनिक करने होंगे, ताकि अभिभावकों को फीस संरचना की स्पष्ट जानकारी मिल सके। शिक्षा विभाग ने परिवहन व्यवस्था से जुड़ी जानकारी साझा करना भी अनिवार्य कर दिया है। स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर यह बताना होगा कि उनके पास कितनी वैन, मिनी बस और बड़ी बसें संचालित हैं। साथ ही वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन संबंधी विवरण भी उपलब्ध कराने होंगे। इसके अतिरिक्त संबंधित शिक्षा बोर्ड से प्राप्त मान्यता, उसकी वैधता और नवीनतम अपडेट भी वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा। जिला शिक्षा कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि 30 जून तक निर्देशों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय अधिकारियों को ऐसे स्कूलों की पहचान कर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इधर निजी स्कूलों की निगरानी को लेकर जिला प्रशासन ने जुलाई माह में विशेष जांच अभियान चलाने का फैसला किया है। यह अभियान 1 जुलाई से 31 जुलाई तक पूरे जिले में संचालित होगा। इस दौरान शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) और बिहार राज्य के बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली के तहत स्कूलों में नियमों के पालन की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच अभियान में विद्यार्थियों के आधार और अपार विवरण की भी गहन समीक्षा होगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि छात्रों का रिकॉर्ड पूरी तरह अद्यतन और सत्यापित हो। इसके लिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से निजी विद्यालयों में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभिभावकों को बच्चों के स्कूल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से मिल सकेंगी। साथ ही नियमों का पालन सुनिश्चित होने से शिक्षा व्यवस्था अधिक जवाबदेह और व्यवस्थित बन सकेगी। जिला प्रशासन ने सभी निजी विद्यालयों से समय सीमा के भीतर जानकारी अपलोड करने और जांच अभियान में सहयोग करने की अपील की है। संतोष झा- १२ जून/२०२६/ईएमएस