क्षेत्रीय
12-Jun-2026
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- ग्रामीण विकास की योजनाओं ने रोजगार, आवास, स्वच्छता, जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को दी नई दिशा - मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सरकार के मार्गदर्शन में गांवों में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित गांधीनगर (ईएमएस)| गुजरात ने पिछले 12 वर्षों में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए देश के सामने एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं ने राज्य के गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी हैं। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा ग्रामीण विकास मंत्री कुंवरजी बावलिया के नेतृत्व में ग्रामीण विकास विभाग ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा गुजरात आजीविका संवर्धन कंपनी की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। - महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से मजबूत हुआ ग्रामीण रोजगार तंत्र महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। पिछले 12 वर्षों में इस योजना के माध्यम से राज्य में 4,557 लाख से अधिक मानव दिवसों का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, कृषि भूमि विकास, वृक्षारोपण तथा पशुपालन आधारित 19 लाख से अधिक श्रमप्रधान कार्यों को पूरा किया गया है। पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए भुगतान व्यवस्था को आधार आधारित प्रणाली और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से जोड़ा गया है। साथ ही मोबाइल आधारित निगरानी, ड्रोन निरीक्षण, भू-चिह्नांकन और भू-सीमांकन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है तथा अनावश्यक पुनरावृत्ति पर रोक लगी है। * प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से लाखों परिवारों को मिला अपना घर ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और आवासविहीन परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 तक 8.29 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 30 अप्रैल 2026 तक 6.99 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 1.38 लाख से अधिक आवास निर्माणाधीन हैं। इस कार्य पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 9,213 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। योजना के तहत लाभार्थियों को 1.20 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की संवेदनशील पहल के अंतर्गत वर्ष 2025-26 से राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त 50 हजार रुपये की सहायता देने का निर्णय लिया गया है, जिससे कुल सहायता राशि बढ़कर 1.70 लाख रुपये हो गई है। इसके अलावा रोजगार गारंटी योजना के तहत 90 दिनों की मजदूरी के रूप में 25,920 रुपये तथा शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की सहायता भी प्रदान की जाती है। समय पर आवास निर्माण पूरा करने वाले लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि तथा महिलाओं के लिए स्नानघर निर्माण हेतु अतिरिक्त सहायता भी दी जाती है। * प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान से आदिम जनजातीय परिवारों को मिला सम्मानजनक आशियाना वर्ष 2023 में शुरू किए गए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत राज्य की अत्यंत पिछड़ी आदिम जनजातियों जैसे काठोड़ी, कोटवालिया, पाढर, सिद्दी और कोल्गा समुदायों के परिवारों के लिए 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 9,151 पक्के मकानों का निर्माण पूरा किया गया है। इस योजना में प्रत्येक लाभार्थी को दो लाख रुपये की सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है। * स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता में गुजरात बना अग्रणी ग्रामीण स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में गुजरात ने देश में अग्रणी स्थान बनाए रखा है। पिछले 12 वर्षों में इस मिशन के अंतर्गत 7,162 करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधान के मुकाबले लगभग 5,995 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। खुले में शौच से मुक्त घोषित होने के बाद अब राज्य में आदर्श स्वच्छ गांवों के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 44.82 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। इसके अलावा ठोस और तरल अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए बड़ी संख्या में सामुदायिक सोख गड्ढे, खाद निर्माण गड्ढे और कचरा पृथक्करण केंद्र विकसित किए गए हैं। गोबर आधारित ऊर्जा और जैविक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 33 जिलों में 38 समूह आधारित बायोगैस संयंत्र तथा 14 हजार व्यक्तिगत बायोगैस संयंत्र स्थापित किए गए हैं। * प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से जल संरक्षण को मिला नया आयाम प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत पिछले 12 वर्षों में 617.90 करोड़ रुपये की लागत से 1,36,589 कार्य पूरे किए गए हैं। योजना का उद्देश्य भूमि, जल और वनस्पति जैसे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, भूमि सुधार और आजीविका विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाती हैं। चेकडैम, तालाब, कोजवे और खेत तालाब जैसे जलसंचय ढांचे तैयार किए गए हैं, जिससे वर्षा जल का संरक्षण संभव हुआ है। इससे भूजल स्तर में वृद्धि हुई है तथा किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने लगा है। * महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी गुजरात आजीविका संवर्धन कंपनी गुजरात आजीविका संवर्धन कंपनी राज्य की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राज्य के 248 तालुकों में 26.25 लाख ग्रामीण महिलाओं को जोड़कर 2.82 लाख स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों को घूर्णन निधि, सामुदायिक निवेश निधि तथा 5,600 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक सहायता उपलब्ध कराई गई है। प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत गुजरात की 6 लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न क्षेत्रीय मेलों और ऑनलाइन विपणन मंचों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त राज्यभर में संचालित 300 से अधिक मंगलम कैंटीन महिलाओं को नियमित आय का सशक्त स्रोत प्रदान कर रही हैं। ग्रामीण विकास की इन योजनाओं ने गुजरात के गांवों में आर्थिक समृद्धि, सामाजिक सशक्तिकरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का नया अध्याय लिखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों के नेतृत्व में गुजरात का ग्रामीण क्षेत्र आत्मनिर्भरता, विकास और समावेशी प्रगति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सतीश/12 जून