सीहोर (ईएमएस) । शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ नृसिंह लक्ष्मी मंदिर पर करीब 35 सालों से प्रत्येक ग्यारस पर भजन संध्या का आयोजन निरंतर नृसिंह मंदिर मंडल के तत्वाधान में किया जा रहा है। इस मंडल में शहर सहित आस-पास के अनेक भजन मंडलों के द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जा रही है। इसको लेकर संस्कार मंच, सनातन सेना सहित अन्य ने मंडल के वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया गया। इस मौके पर संत माधवदास महाराज और सनातन सेना के प्रदेश सचिव पवन केवट सहित अन्य ने यहां पर मौजूद दुर्गेश यादव, विष्णु सेन, देवी सिंह, मिथलेश शर्मा, रमेश मेवाड़ा, विनित विश्वकर्मा आदि शामिल थे। जिनका स्वागत सम्मान किया गया। इस मौके पर संस्कार मंच के प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि दुर्गेश यादव के पिता श्री सहित अन्य के द्वारा करीब 35 सालों से शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ नृसिंह लक्ष्मी मंदिर में प्रत्येक ग्यारस के अवसर पर भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहाकि यह व्रत हर तीन वर्ष में एक बार आता है, क्योंकि इसका संबंध अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि से होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसके जीवन से दुख, दरिद्रता और आर्थिक परेशानियां दूर होने लगती हैं। माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से धन, धान्य, यश और सम्मान में वृद्धि होती है। इस बार परम एकादशी का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जिसे सभी कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। विमल जैन