नरसिंहपुर (ईएमएस)। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. सुनील कुमार बृजपुरिया ने बताया कि नरसिंहपुर जिले में पशुपालन व्यवसाय को अधिक संगठित, लाभकारी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने गोरस एप विकसित किया है। यह एप एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां जिले के पशुपालक घर बैठे साइलेज, भूसा और अन्य पशु आहार की आसानी से खरीदी व बिक्री कर सकेंगे। विभाग के कर्मचारी जिले के किसानों और पशु पालकों को इस एप के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोरस एप के जरिए नरसिंहपुर जिले के पशुपालक सीधे विक्रेताओं से संपर्क कर चारा खरीद सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और समय व पैसो की बचत होगी। जिन किसानों के पास पर्याप्त कृषि भूमि है और वे बड़ी मात्रा में हरा चारा या साइलेज (पोषक और लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकने वाला आहार) उगाते हैं, वे इस एप पर पंजीयन कर डिस्ट्रीब्यूटर बन सकते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। उप संचालक डॉ. सुनील बृजपुरिया ने बताया कि एप में पशु की जानकारी (नस्ल, वजन, वर्तमान दुग्ध उत्पादन, गर्भावस्था और उपलब्ध चारा) दर्ज करने पर, यह वैज्ञानिक गणना कर पशु के लिए संतुलित आहार की मात्रा और समय की जानकारी देता है। साथ ही मौसम के अनुसार आहार में किए जाने वाले बदलावों का भी सुझाव देता है। इसमें 28 से अधिक स्थानीय चारा विकल्पों की जानकारी है। इस एप को एक बार गूगल प्ले स्टोर से निःशुल्क डाउनलोड होने के बाद यह एप बिना इंटरनेट के भी काम करता है। हिंदी भाषा में होने से समझने और पढ़ने में सहायता मिलेगी। किसानों को गूगल प्ले स्टोर से गोरस एप डाउनलोड कर इंस्टॉल करना होगा। इसके बाद उन्हें अपने पशुओं और अपनी आवश्यकताओं की जानकारी दर्ज करनी होगी, जिसके बाद वे एप की सभी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने जिले के किसानों और पशु पालकों से अपील की है कि वे गोरस एप का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे न केवल चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि आधुनिक तकनीक से जुड़कर पशुपालक आत्मनिर्भर बनेंगे। ईएमएस/ राहुल वासनिक/ 12 जून 2026