:: विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से किया संकल्प लेने का आह्वान :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर प्रदेशवासियों से बाल श्रम से मुक्त समाज बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भावी पीढ़ी को शोषण से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज के हर वर्ग को आगे आकर बच्चों को मजदूरी के दलदल से निकालना होगा और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अत्यंत संवेदनशील शब्दों में कहा कि बच्चों के माथे पर मजबूरी का बोझ अच्छा नहीं लगता, उनके हाथों में तो कलम और किताब ही शोभा देते हैं। खुशहाल बचपन और सम्मानजनक शिक्षा पाना हर बच्चे का बुनियादी अधिकार है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी बेहतर शिक्षा के लिए निरंतर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। बाल श्रम को रोकने के लिए कानूनी कड़ाई के साथ-साथ जागरूकता प्रयासों को भी गति दी जा रही है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई का समूल नाश केवल शासकीय प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए पूरे समाज को सजग होना होगा। हमें मिलकर एक ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जहां हर बच्चे को खेलने, पढ़ने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें। प्रकाश/12 जून 2026