क्षेत्रीय
12-Jun-2026
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फार्मर रजिस्ट्री, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की हुई समीक्षा बालाघाट (ईएमएस). कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में 12 जून को जिला कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न राजस्व कार्यों, लंबित प्रकरणों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जायद फसलों की गिरदावरी की प्रगति की समीक्षा के दौरान कई तहसीलों में कार्य की गति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर अपर कलेक्टर बर्मन ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि गिरदावरी कार्य शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गिरदावरी कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कर उसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। कम फार्मर रजिस्ट्री पर जताई नाराजगी बैठक के दौरान अपर कलेक्टर डीपी बर्मन ने फार्मर रजिस्ट्री कार्यों की तहसीलवार समीक्षा की। कुछ तहसीलों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को विशेष शिविर आयोजित कर शेष किसानों की फार्मर रजिस्ट्री शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री महत्वपूर्ण है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। प्रकरणों का समय पर करें निराकरण बैठक में नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा प्रकरणों सहित विभिन्न राजस्व मदों की वसूली की भी गहन समीक्षा की गई। अपर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरण अनिवार्य रूप से आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज किए जाएं तथा अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण से आम नागरिकों को राहत मिलती है तथा प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। इसलिए लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर दें विशेष ध्यान सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा के दौरान अपर कलेक्टर बर्मन ने कुछ तहसीलों में लंबित शिकायतों की संख्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि 500 दिवस से अधिक अवधि से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों द्वारा दर्ज शिकायतों का समय पर समाधान प्रशासन की जवाबदेही का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भानेश साकुरे / 12 जून 2026