क्षेत्रीय
12-Jun-2026
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नदी बचेगी तो जीवन बचेगा, उद्गम स्थलों को बचाने जनभागीदारी का आव्हान बालाघाट (ईएमएस). मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के ग्राम बंजारपुर स्थित बंजर नदी के उद्गम स्थल पहुंचकर पूजन-अर्चन किया और जल, जंगल व जमीन के संरक्षण का संदेश दिया। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को बंजर नदी उद्गम स्थल की परिक्रमा कर जल व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आमजन से नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि नदियों के उद्गम स्थल अपूर्व ऊर्जा से भरे होते हैं और इनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नदियां केवल जलधाराएं नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, अंधाधुंध दोहन और वनों की कटाई के कारण नदियां संकट में हैं। उन्होंने नदियों के किनारे पौधारोपण, जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और जल स्रोतों की सुरक्षा पर बल दिया। उन्होंने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वे पहले बेतवा नदी के उद्गम स्थल की यात्रा कर चुके हैं और अब मध्यप्रदेश से जुड़ी सभी नदियों के उद्गम स्थलों तक पहुंचने का संकल्प लिया है। अब तक वे 112 नदियों के उद्गम स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं। बंजर नदी का महत्व मंत्री पटेल ने कहा कि बंजर नदी नर्मदा की प्रमुख सहायक नदी है, जो छत्तीसगढ़ से निकलकर मध्यप्रदेश में प्रवेश करती है और नर्मदा में महत्वपूर्ण जल प्रवाह प्रदान करती है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस पवित्र स्थल की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित रखा है। कान्हा टाइगर रिजर्व की जीवनरेखा बंजर नदी का प्रवाह क्षेत्र विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है, जहां यह वन्यजीवों के लिए प्रमुख जल स्रोत का कार्य करती है। लगभग 150 किलोमीटर की यात्रा के बाद यह नदी मंडला जिले में नर्मदा नदी में मिल जाती है। बंजर और नर्मदा का संगम स्थल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आगमन होता है। कार्तिक मास में यहां बड़े मेलों का आयोजन भी किया जाता है। भानेश साकुरे / 12 जून 2026