- वैश्विक नकारात्मक रुझानों और भू-राजनीतिक तनाव से प्रमुख सूचकांकों में सप्ताह भर उतार-चढ़ाव रहा मुंबई (ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा। वैश्विक नकारात्मक रुझानों और भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोमवार को भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांक धड़ाम हो गए। हालांकि सप्ताह के अंत में निवेशकों की जबरदस्त खरीदारी ने बाजार में तूफानी वापसी दर्ज कराई और सेंसेक्स-निफ्टी नए ऐतिहासिक उच्च स्तरों पर बंद हुए, जो बाजार के लचीलेपन को दर्शाता है। सप्ताह की शुरुआत सोमवार को बेहद निराशाजनक रही। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े वैश्विक बदलावों के बीच जोखिम से बचने के माहौल ने बाजार को अपनी चपेट में ले लिया। मुनाफावसूली के चलते सेंसेक्स 719.08 अंक लुढ़ककर 73,524.26 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 243.71 अंक टूटकर 23,123.00 के अहम स्तर से नीचे आ गया। यह बिकवाली एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी देखी गई। मंगलवार को बाजार ने शानदार वापसी की और दोनों सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स 394.50 अंक की बढ़त के साथ 73,918.76 पर पहुंचा, वहीं निफ्टी 119.10 अंक मजबूत होकर 23,242.10 पर बंद हुआ। हालांकि बुधवार को बाजार में मिला-जुला रुख दिखा। सेंसेक्स मामूली 64.42 अंक बढ़कर 73,983.18 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 27.15 अंक गिरकर 23,214.95 पर लाल निशान में रहा। इस दौरान रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट जारी रही। गुरुवार को एक बार फिर बाजार में बिकवाली का माहौल दिखा। सेंसेक्स 150.63 अंक फिसलकर 73,832.55 पर आ गया और निफ्टी 53.35 अंक कमजोर होकर 23,161.60 पर बंद हुआ। भारतीय रुपये में भी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे की और गिरावट दर्ज की गई, जो 95.60 पर पहुंच गया। शुक्रवार का दिन निवेशकों के लिए किसी सौगात से कम नहीं रहा। जबरदस्त खरीदारी के माहौल में बाजार खुलते ही चौतरफा तेजी देखी गई। जोखिम लेने के बढ़ते रुझान के चलते दिनभर सूचकांकों ने जोरदार छलांग लगाई। कारोबारी सत्र के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,695.40 अंकों की लंबी छलांग लगाकर 75,527.95 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई निफ्टी भी 461.31 अंक उछलकर 23,622.90 के पार जाकर बंद हुआ, जो बाजार के लिए एक ऐतिहासिक समापन था। कुल मिलाकर यह सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए अत्यधिक उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसने मंदी की शुरुआत के बावजूद अंततः रिकॉर्ड-उच्च स्तरों पर अपनी लचीली क्षमता का प्रदर्शन किया। सतीश मोरे/13जून ---