राज्य
13-Jun-2026


जब अब पेपर सेटर्स को लॉकडाउन में रखना पड़ रहा है, एयरफोर्स से पेपर पहुंचाना पड़ रहा है तो पहले नीट परीक्षा की सुरक्षा क्यों नहीं की गई? भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल दौरे पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली केंद्र सरकार अब अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि आज भोपाल दौरे के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय विरोध की आवाज को दबाते नजर आए। अपने हक और भविष्य की आवाज उठाने वाले एनएसयूआई एवं युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना बेहद निंदनीय है। लोकतंत्र में प्रश्न पूछना अपराध नहीं है। पटवारी ने कहा कि एक तरफ मऊगंज की बेटी आकांक्षा चतुर्वेदी की दर्दनाक मृत्यु ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा सरकार के मंत्री जवाब देने के बजाय विरोध करने वाले युवाओं को रोकने में लगे हैं। पेपर लीक कराने वाले माफियाओं पर सख्ती नहीं और सवाल पूछने वाले छात्रों पर कार्रवाई — यही भाजपा सरकार का असली चेहरा है। उन्होंने कहा किनीट नीट परीक्षा विवाद ने देश की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। अब जब सरकार 21 जून को दोबारा परीक्षा करा रही है और पेपर सेटर्स को लॉकडाउन में रखने, प्रश्न पत्रों की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज और परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने, एयरफोर्स के माध्यम से पेपर पहुंचाने तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म की 24 घंटे निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू कर रही है, तो बड़ा सवाल यह है कि पहली परीक्षा के समय यह सारी सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी? पटवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पूछा— 1. नीट परीक्षा का पेपर लीक कैसे हुआ? 2. पेपर लीक माफियाओं को संरक्षण किसका प्राप्त था? 3. शिक्षा मंत्रालय और एनटीए ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की? 4. करोड़ों विद्यार्थियों और अभिभावकों को हुई मानसिक प्रताड़ना और नुकसान का जिम्मेदार कौन है? 5. जब अब इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू करनी पड़ रही है तो पहले ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं थी? 6. पेपर लीक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई? 7. क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस पूरी विफलता की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे? 8. क्या केंद्र सरकार 21 जून को होने वाली परीक्षा की पूर्ण निष्पक्षता और सुरक्षा की गारंटी देती है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लंबे समय से संसद से लेकर सड़क तक युवाओं की आवाज उठाती रही है। कांग्रेस नेताओं ने लगातार शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, परीक्षा माफियाओं और सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है। पटवारी ने कहा कि भोपाल में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, उपाध्यक्ष रवि परमार,प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया सहित अनेक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस पार्टी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने वाले सवालों का जवाब देने के बजाय यदि सरकार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेगी तो इससे भाजपा सरकार की घबराहट ही सामने आती है। क्या छात्रों के सवालों से सरकार इतनी डर गई है? क्या युवाओं को न्याय मांगने का भी अधिकार नहीं है? पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों, युवाओं और बेरोजगारों की आवाज उठाती रहेगी तथा शिक्षा व्यवस्था को पेपर लीक माफियाओं और भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। आशीष पाराशर, 13 जून, 2026