राष्ट्रीय
13-Jun-2026
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-रिटायर्ड जज कुरियन जोसेफ को मध्यस्थता की जिम्मेदारी दी -अदालत बोली- करियर को नुकसान पहुंचा रही हैं दोनों अधिकारी नई दिल्ली,(ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक कैडर की वरिष्ठ अधिकारियों रोहिणी सिंधूरी और डी रुपा मुद्गिल के बीच लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता का रास्ता अपनाने की सलाह दी है। शीर्ष अदालत ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश कुरियन जोसेफ से दोनों अधिकारियों के बीच समझौते की संभावनाएं तलाशने और स्थायी समाधान निकालने का अनुरोध किया है। जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि दोनों अधिकारी आपसी कानूनी लड़ाई में अपना करियर प्रभावित कर रही हैं। अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों से विवाद के समाधान के लिए मध्यस्थता की संभावना पर विचार करने को कहा, जिस पर सहमति बन गई। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को जुलाई में जस्टिस कुरियन जोसेफ के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है। साथ ही ट्रायल कोर्ट में एक-दूसरे के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमों की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। अब मध्यस्थता प्रक्रिया के जरिए इस बहुचर्चित विवाद को समाप्त करने की कोशिश की जाएगी। साल 2023 में शुरु हुआ विवाद यह विवाद वर्ष 2023 में उस समय शुरू हुआ था, जब आईपीएस अधिकारी रूपा मुदगिल ने सोशल मीडिया पर आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंदुरी के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए पोस्ट साझा किए थे। इन पोस्टों में कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति सहित अन्य आरोप शामिल थे। इसके बाद रोहिणी सिंदुरी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियों को रोकने संबंधी आदेश प्राप्त किया। रूपा मुदगिल ने इस आदेश को पहले कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन वहां राहत नहीं मिली। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने दोनों अधिकारियों को टकराव के बजाय संवाद और समझौते का रास्ता अपनाने की सलाह दी। हिदायत/ईएमएस 13जून26