शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी का आरोप नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा का नामांकन रद्द होने के मामले में पूर्व राज्यसभा सांसद और शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं। उनका कहना है कि इन सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं ने मामले में अपनी जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभाई हैं। दरअसल शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के खिलाफ सुनवाई की मांग वाली याचिका खारिज की थी। इसके बाद शनिवार को प्रियंका चतुर्वेदी ने पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने पूरे प्रकरण को सीधे-सीधे सत्ता हथियाने की चाल बताया। वह यहीं नहीं रुकीं, बल्कि उन्होंने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट दोनों पर उंगली उठाकर कहा, सबसे खराब बात ये है कि चुनाव आयोग और पूरे सम्मान के साथ माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपनी जिम्मेदारियों का त्याग किया है। इतना ही नहीं प्रियंका चतुर्वेदी ने रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर तीखे सवाल उठा दिए। उन्होंने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद खबर आई कि हैदराबाद कोर्ट ने शिकायतकर्ता की याचिका यह कहकर लौटा दी कि यह उसके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। शिवसेना यूबीटी नेता चतुर्वेदी ने हैरानी जताकर कहा कि जब कोई एफआईआर नहीं थी और हाई कोर्ट भी याचिका लौटा चुका था, तब फिर रिटर्निंग ऑफिसर ने केंद्रीय चुनाव आयोग से विचार-विमर्श किए बिना ही कमजोर आधार पर नामांकन रद्द क्यों किया। उद्धव ठाकरे की पार्टी की नेता ने लिखा, इस बात पर बहस हो सकती है कि फॉर्म भरने में गलती किसने की, किसने किसको जानकारी दी, इस पर भी बात की जा सकती है, लेकिन मूल बात ये है कि एक निश्चित सीट उन एजेंसियों के चलते हाथ से चली गई, जिनके पास संविधान और लोकतंत्र बचाने की जिम्मेदारी है। आशीष दुबे / 13 जून 2026