नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में जनसांख्यिकीय बदलावों पर एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने संबंधित आयोग को सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ मेट्रो शहरों और औद्योगिक कस्बों में जनसंख्या परिवर्तन का गहन अध्ययन करने और आकलन प्रस्तुत करने को कहा है। यह कदम देश की सुरक्षा और आंतरिक स्थिरता सुनिश्चित करने की मोदी सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत जनसंख्या के आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण होगा। इसके पहले, 5 जून को केंद्रीय मंत्री शाह ने स्पष्ट किया था कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार जैसे राज्यों में किसी भी जनसांख्यिकीय बदलाव को बर्दाश्त नहीं करेगी। उनका कहना था कि केंद्र सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। यह निर्देश उन प्रयासों की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य सीमा पार से होने वाले किसी भी अनुचित प्रभाव को रोकना है। सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया था कि सरकार की स्मार्ट बॉर्डर परियोजना अंतिम चरण में है। इस अवधारणा को प्रायोगिक तौर पर देश के सात से आठ स्थानों पर लागू किया जाएगा। नई सीमा सुरक्षा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की संयुक्त भागीदारी शामिल होगी, जिससे सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा और भी पुख्ता हो सकेगी। आशीष दुबे / 13 जून 2026