निरीक्षण करने पहंुचा दल। शाजापुर (ईएमएस)। बच्चों के कोमल हाथों में औजार नहीं, बल्कि किताबें होनी चाहिए। इसी उद्देश्य को सार्थक करने और बाल मजदूरी जैसी कुप्रथा पर पूर्णतः लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में शाजापुर जिले में गठित जिला टास्क फोर्स समिति ने मक्सी औद्योगिक क्षेत्र में एक सघन औचक निरीक्षण और जन-जागरूकता अभियान चलाया। राहत की बात यह रही कि इस सघन जांच के दौरान किसी भी औद्योगिक संस्थान में 18 वर्ष से कम आयु का कोई भी बालक या बालिका मजदूरी करते हुए नहीं पाए गए। निरीक्षण के दौरान टास्क फोर्स के दल ने विभिन्न कारखानों और संस्थानों के प्रबंधकों से चर्चा की। उन्हें बाल एवं किशोर श्रमिक अधिनियम 1986 के दंडात्मक प्रावधानों से विस्तार पूर्वक अवगत कराया गया। साथ ही सख्त हिदायत दी गई कि कारखाने या संस्थान में किसी भी हाल में छोटे बच्चों या किशोरों से काम न करवाया जाए, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन संस्थानों का हुआ निरीक्षण दल द्वारा मक्सी के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों का सघन दौरा किया गया, जिनमें सुदर्शन कंस्ट्रक्शन सीमेंट, बालाजी पाइप फैक्ट्री, पवन श्री फूड इंटरनेशनल प्रा. लिमिटेड (कृषि उपकरण), रीजेंट बियर फैक्ट्री शामिल हैं। अभियान केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे जन-जागरण का माध्यम भी बनाया गया। कारखानों में काम कर रहे वयस्क श्रमिकों को उनके अधिकारों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने श्रमिकों को संबल योजना, म.प्र. भवन एवं संनिर्माण कर्मकार योजना, ई-श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन योजना और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लाभ बताए। इसके साथ ही उन्हें न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, ग्रेच्युटी अधिनियम 1972, मातृत्व अवकाश और बोनस भुगतान अधिनियम 1965 की भी विस्तृत जानकारी दी गई। मानव तस्करी रोकने के लिए रेलवे पुलिस के साथ बैठक औद्योगिक क्षेत्र के अलावा, दल ने रेलवे पुलिस थाना के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ भी एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक की। बैठक में तय किया गया कि रेलवे स्टेशन पर यदि कोई बेसहारा या लावारिस बच्चा दिखाई दे, या किसी गिरोह द्वारा बच्चों के अपहरण और तस्करी का संदेह हो, तो उसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या महिला एवं बाल विकास विभाग के टोल फ्री नंबर 1098 चाइल्डलाइनपर दी जाए, ताकि बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। इस संयुक्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। दल में मुख्य रूप से श्रम विभाग के नोडल अधिकारी रूप किशोर चौहान, पुलिस इकाई से आरक्षक अमित सिसोदिया, महिला बाल विकास विभाग की बाल संरक्षण अधिकारी दीपाली वर्मा, आउटरीच वर्कर अतुल जादौन, विदिशा सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के जिला प्रभारी शुभम जोशी और बाल कल्याण समिति के सदस्य रवि मालवीय उपस्थित थे। ईएमएस/राजेश कलजोरिया/ 13 जून 2026