क्षेत्रीय
13-Jun-2026


शाजापुर (ईएमएस)। दूसरे समाज में प्रेम विवाह करने पर परिवार ने अपनी 19 वर्षीय जीवित बेटी का ही श्राद्ध कर दिया। परिजनों की नाराजगी इस कदर थी कि उन्होंने बाकायदा बेटी की तस्वीर सामने रखकर तर्पण और पिंडदान की रस्में निभाईं और सामाजिक रूप से उसे हमेशा के लिए मृत घोषित कर दिया। इस पूरी घटना की शुरुआत 2 जून को हुई, जब कॉलेज के प्रथम वर्ष में पढ़ने वालीयुवती अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। चिंतित परिजनों ने मोहन बड़ोदिया थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद 6 जून को जब पुलिस ने युवती को ढूंढ निकाला, तो मामले की असल सच्चाई सामने आई। पुलिस की जांच में युवती बालिग पाई गई और उसने बताया कि उसने अपनी मर्जी से दूसरे समाज के एक युवक के साथ सात फेरे ले लिए हैं। युवती ने पुलिस और प्रशासन के सामने स्पष्ट कर दिया कि वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती है और अब किसी भी कीमत पर अपने घर वापस नहीं जाना चाहती। बेटी के इस कदम से उसका परिवार और समाज के लोग बेहद खफा हो गए। इसी भारी आक्रोश के चलते परिवार ने सामाजिक रीति-रिवाजों का हवाला देते हुए बेटी से हमेशा के लिए नाता तोड़ने का कठोर फैसला लिय और युवती के सगे भाई ने अपनी बहन की तस्वीर के सामने बैठकर पूरे विधि-विधान से तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान की रस्में पूरी कीं। इन रस्मों के पूरा होने के बाद, प्रतीकात्मक अवशेषों और पूजा की सामग्री को चौमा स्थित लखुंदर नदी में प्रवाहित कर दिया गया। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, युवक और युवती के बीच पिछले एक-दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वे दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे और कई बार मिल भी चुके थे, लेकिन परिवार को इस रिश्ते की भनक तक नहीं लगी थी। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि उन्होंने समाज की मर्यादा और अपने मान-सम्मान को ध्यान में रखते हुए ही बेटी का जीते-जी श्राद्ध करने का यह कड़ा कदम उठाया है। एक जीवित बेटी का इस तरह तर्पण किए जाने की यह घटना फिलहाल पूरे इलाके में सनसनी और चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। ईएमएस/राजेश कलजोरिया/ 13 जून 2026