राज्य
13-Jun-2026


भोपाल(ईएमएस)। मिसरोद इलाके में रहने वाले गेल इंडिया लिमिटेड के रिटायर्ड अधिकारी से साइबर ठगों ने आईपीओ में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर 28 लाख से अधिक की ठगी कर ली। आरोपी ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संपर्क कर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाया और विभिन्न आईपीओ में निवेश के नाम पर लाखों रुपये जमा करा लिए। जब पीडि़त ने अपनी राशि निकालने की कोशिश की तो उससे मुनाफे की रकम का 20 प्रतिशत और जमा करने की मांग की गई। इसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ। पुलिस ने शिकायत पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, स्नेहा नगर, मिसरोद निवासी प्रेमलाल राधेलाल (59) कापसे गेल इंडिया लिमिटेड से सेवानिवृत्त कर्मचारी है। 28 अप्रैल 2026 को उनके मोबाइल नंबर पर चल रहे व्हाट्सएप अकाउंट को अमानसा इन्वेस्टमेंट लिमिटेड नामक ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में पहले से कई लोग जुड़े हुए थे, जो आईपीओ में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने के दावे कर रहे थे। इसी दौरान ऐश्वर्या पटेल नाम की एक युवती ने उनसे संपर्क किया और उन्हें एम स्टॉक अमानसा रेपिड डॉट कॉम और फॉरल्लन सीएम नामक निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने की सलाह देते हुए उन्हें कम समय में मोटा प्रॉफिट दिलाने का लालच दिया। साथ ही उनके नाम से ऑनलाइन खाता भी खोला गया, जिसमें निवेश की गई रकम और कथित मुनाफा दिखाई देता था। आरोपियों के झांसे में आकर प्रेमलाल कापसे ने विभिन्न आईपीओ में निवेश के नाम पर रकम जमा कर दी। उन्होंने गोल्डलाइन फार्मा आईपीओ में 15 लाख रुपये, सिमका आईपीओ में 9 लाख रुपये और किस्ट आईपीओ में 1 लाख 36 हजार रुपये निवेश किए। इसके अलावा दूसरी कंपनी के माध्यम से गोल्डलाइन फार्मा आईपीओ में करीब ढाई लाख रुपये और जमा कराए। इस तरह उन्होंने 28 लाख 14 हजार 884 रुपये निवेश कर दिए। कुछ समय बाद उनके ऑनलाइन खाते में इंवेस्ट की रकम बढ़कर करीब 58 लाख रुपये और दूसरी कंपनी में करीब 10 लाख रुपये से अधिक दिखाई देने लगी। जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो कंपनी की ओर से कहा गया कि पहले मुनाफे की रकम का 20 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करना होगा, तभी पूरी राशि निकाली जा सकेगी। इस मांग पर उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने आगे पैमेंट करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें पता चला कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है। जुनेद / 13 जून