पटना, (ईएमएस)। बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य की पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए बड़ी पहल शुरू की है। इसके तहत पूरे राज्य के थानेदारों और थाना प्रभारियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया के लिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। शुरुआत राजधानी पटना से की गई है। पुलिस मुख्यालय प्रत्येक अधिकारी के कार्यकाल, तैनाती, प्रदर्शन, शिकायतों और प्रशासनिक रिकॉर्ड का आकलन कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, हाल के समय में थानों की कार्यशैली को लेकर लगातार शिकायतें मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। डीजीपी जनता दरबार, समीक्षा बैठकों और सोशल मीडिया पर भी पुलिस व्यवहार और मामलों के निपटारे को लेकर सवाल उठे थे। समीक्षा में यह भी पाया गया है कि कई अधिकारी लंबे समय से एक ही थाने या क्षेत्र में तैनात हैं। ऐसे मामलों को चिन्हित किया जा रहा है, क्योंकि लंबे कार्यकाल से निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका रहती है। पुलिस मुख्यालय की इस कवायद के बाद राज्यभर में बड़े पैमाने पर तबादलों की संभावना जताई जा रही है। खराब प्रदर्शन या लगातार शिकायतों वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है। इसके साथ ही बिहार पुलिस ने थानों की निगरानी को डिजिटल बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। पुलिस स्टेशन मैनेजमेंट (PSM) एप्लीकेशन को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मुंगेर और बक्सर में शुरू किया गया है। इस डिजिटल सिस्टम के जरिए अपराध रिकॉर्ड, गश्ती व्यवस्था, ड्यूटी चार्ट और अन्य प्रशासनिक जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी, जिससे मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक सीधे मॉनिटरिंग संभव होगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से थानों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी होगी, जवाबदेही बढ़ेगी और आम जनता को बेहतर पुलिस सेवा मिल सकेगी। संतोष झा- १३ जून/२०२६/ईएमएस